Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#24 Trending Author

दलीलें झूठी हो सकतीं हैं

मन की अदालत में मै खड़ा हूँ
दिल मेरी वकालत कर रहा है
….. दलीलें झूठी हो सकतीं हैं
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

1 Like · 60 Views
You may also like:
💐नाशवान् इच्छा एव पापस्य कारणं अविनाशी न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
यश तुम्हारा भी होगा
Rj Anand Prajapati
बे-पर्दे का हुस्न।
Taj Mohammad
✍️दिल ही बेईमान था✍️
"अशांत" शेखर
महापंडित ठाकुर टीकाराम (18वीं सदीमे वैद्यनाथ मंदिर के प्रधान पुरोहित)
श्रीहर्ष आचार्य
तरसती रहोगी एक झलक पाने को
N.ksahu0007@writer
महामोह की महानिशा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
शायद मैं गलत हूँ...
मनोज कर्ण
खींच तान
Saraswati Bajpai
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
✍️दम-भर ✍️
"अशांत" शेखर
💐प्रेम की राह पर-26💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कारस्तानी
Alok Saxena
💐प्रेम की राह पर-29💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
आ तुझको तुझ से चुरा लू
Ram Krishan Rastogi
माँ +माँ = मामा
Mahendra Rai
कहां जीवन है ?
Saraswati Bajpai
क्या लिखूं मैं मां के बारे में
Krishan Singh
HAPPY BIRTHDAY SHIVANS
KAMAL THAKUR
**मानव ईश्वर की अनुपम कृति है....
Prabhavari Jha
दुविधा
Shyam Sundar Subramanian
हे तात ! कहा तुम चले गए...
मनोज कर्ण
नर्सिंग दिवस विशेष
हरीश सुवासिया
अथर्व को जन्म दिन की शुभकामनाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
खुशियों की रंगोली
Saraswati Bajpai
ग़ज़ल- मज़दूर
आकाश महेशपुरी
मज़ाक बन के रह गए हैं।
Taj Mohammad
*पद्म विभूषण स्वर्गीय गुलाम मुस्तफा खान साहब से दो मुलाकातें*
Ravi Prakash
शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Loading...