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28 May 2022 · 1 min read

दरों दीवार पर।

यूँ सवालियां निशान ना लगा,
मेरे किरदार पर।

जा पढ़ ले जाके आज भी लिखे होंगे मेरी वफ़ा के किस्से,
हो चुके पुरानें खंडहर की दरों दीवार पर।।

✍✍ताज मोहम्मद✍✍

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