Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 13, 2022 · 1 min read

दरख्तों से पूँछों।

परिन्दो का दर्द बेचैन दरख्तों से पूंछो।
जो तन्हा छोड़ कर इनको चले गए है।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

1 Like · 2 Comments · 39 Views
You may also like:
कलम कि दर्द
Hareram कुमार प्रीतम
✍️लापता हूं खुद से✍️
'अशांत' शेखर
कोरोना काल
AADYA PRODUCTION
**कर्मसमर्पणम्**
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हमारे पास करने को दो ही काम है।
Taj Mohammad
शुद्धिकरण
Kanchan Khanna
आओ मिलके पेड़ लगाए !
Naveen Kumar
दुनियां फना हो जानी है।
Taj Mohammad
जिन्दगी है की अब सम्हाली ही नहीं जाती है ।
Buddha Prakash
खुशनुमा ही रहे, जिंदगी दोस्तों।
सत्य कुमार प्रेमी
रंग हरा सावन का
श्री रमण 'श्रीपद्'
सोने की दस अँगूठियाँ….
Piyush Goel
दर्द का अंत
AMRESH KUMAR VERMA
इश्क की आग।
Taj Mohammad
*अमृत-सरोवर में नौका-विहार*
Ravi Prakash
शांत वातावरण
AMRESH KUMAR VERMA
कुछ समझ में
Dr fauzia Naseem shad
✍️✍️वजूद✍️✍️
'अशांत' शेखर
संघर्ष
Anamika Singh
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
✍️एक ख़्याल बसे वो भी तो नसीब है✍️
'अशांत' शेखर
मेरे गाँव में होने लगा है शामिल थोड़ा शहर [प्रथम...
AJAY AMITABH SUMAN
✍️निशान✍️
'अशांत' शेखर
दर्शन शास्त्र के ज्ञाता, अतीत के महापुरुष
Mahender Singh Hans
कल कह सकता है वह ऐसा
gurudeenverma198
कठपुतली न बनना हमें
AMRESH KUMAR VERMA
अब और कितना झूठ बोले तानाण तेरे किरदार में
Manoj Tanan
विचित्र प्राणी - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
तुझसे रूबरू होकर,
Vaishnavi Gupta
सच्चाई का मार्ग
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...