Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Apr 2020 · 1 min read

((((तख़्ती))))

सोये है आज भी पर आँखे बंद नही कर पाये,
खत्म हो चली ज़िन्दगी खुद को तलाश कर नही पाये.

गुमशुदा हो चला खुद का नसीब,हौंसले बहुत थे
मंज़िल फतेह कर नही पाये.

अधूरी रह गयी हर बात,लिखा बहुत था
सब पढकर भी कभी कुछ पढ़ नही पाये.

दर्द की तख़्ती लटकी थी खुद के नाम पर,
वो बेवफा थी क़बूल कर नही पाये.

दिल बार बार सावधान करता रहा, घमंड था
आँखों से गर्द कभी दूर कर नही पाये.

था बचपना दिल में,वो खेलते रहे हम भी साथ खेलते रहे,
पर खेल क्या है ये समझ नही पाये.

सबको अपना समझना आदत थी,अपना अपना करते रहे
किसी के हो नही पाये।

Language: Hindi
Tag: कविता
2 Likes · 5 Comments · 311 Views
You may also like:
भारत के वर्तमान हालात
भारत के वर्तमान हालात
कवि दीपक बवेजा
मैथिली भाषाक मुक्तक / शायरी
मैथिली भाषाक मुक्तक / शायरी
Binit Thakur (विनीत ठाकुर)
आख़िरी ख़त
आख़िरी ख़त
Shekhar Chandra Mitra
■ आज का अंदेशा
■ आज का अंदेशा
*Author प्रणय प्रभात*
नया दौर है सँभल
नया दौर है सँभल
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
रात
रात
अंजनीत निज्जर
"बाला किला अलवर"
Dr Meenu Poonia
#प्यार...
#प्यार...
Sadhnalmp2001
प्रणय 6
प्रणय 6
Ankita Patel
Savarnon ke liye Ambedkar bhasmasur.
Savarnon ke liye Ambedkar bhasmasur.
Dr.sima
मित्र तुम्हारा कृष्ण (कुंडलिया)
मित्र तुम्हारा कृष्ण (कुंडलिया)
Ravi Prakash
कान में रुई डाले
कान में रुई डाले
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
नहीं आये कभी ऐसे तूफान
नहीं आये कभी ऐसे तूफान
gurudeenverma198
बाल कहानी- डर
बाल कहानी- डर
SHAMA PARVEEN
या' रब तेरे जहान के
या' रब तेरे जहान के
Dr fauzia Naseem shad
चांद जमीं पर आकर उतर गया।
चांद जमीं पर आकर उतर गया।
Taj Mohammad
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
मनोज कर्ण
★डर★
★डर★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
"कुछ अधूरे सपने"
MSW Sunil SainiCENA
अहद
अहद
Pratibha Kumari
💐💐वो न आकर भी कई बार चले गए💐💐
💐💐वो न आकर भी कई बार चले गए💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
उसके सवालों का जवाब हम क्या देते
उसके सवालों का जवाब हम क्या देते
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
जोशीमठ
जोशीमठ
Dr Archana Gupta
रिश्ते
रिश्ते
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
नयी हैं कोंपले
नयी हैं कोंपले
surenderpal vaidya
निकल गया सो निकल गया
निकल गया सो निकल गया
Taran Singh Verma
अजनबी सा लगता है मुझे अब हर एक शहर
अजनबी सा लगता है मुझे अब हर एक शहर
'अशांत' शेखर
होली आयी होली आयी
होली आयी होली आयी
Rita Singh
बात क्या है जो नयन बहने लगे
बात क्या है जो नयन बहने लगे
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
विचार
विचार
Shyam Pandey
Loading...