Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 16, 2017 · 1 min read

==तेरी महिमा न्यारी ==

पानी रे पानी तेरे रूप निराले हैं।
कल कल करता जलप्रपात हो तो,
दूध के से बहते धारे हैं।
देवालय में चढ़े ईश पर तो,
गुंजित होते शिवाले हैं।
बारिश की बूंदें बन बरसे,
तो खेत खलिहान हरियाले हैं।
अधिक बरसे तो जल प्लवन से,
उफनते नदियाँ व नाले हैं।
विरहिणी के चक्षु से बरसे,
तो लोचन नीर के प्याले हैं।
वाष्पीकरण बन उड़ जाते गर,
तो बनते बदरा घनेरे काले हैं।
अतिवृष्टि सी आती बाढ़ें तब तो,
जीवन सबका ही राम के हवाले है।
अल्प वृष्टि हो तेरी तो अकाल से,
जीवन के भी पड़ते लाले हैं।
पानी तेरी महिमा न्यारी।
तेरी इक- इक बूंद है अमूल्य,
तेरे कतरे – कतरे हमें जीवन देने वाले हैं।

——-रंजना माथुर दिनांक 16/07/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

336 Views
You may also like:
कौन होता है कवि
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
संकुचित हूं स्वयं में
Dr fauzia Naseem shad
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
फूल और कली के बीच का संवाद (हास्य व्यंग्य)
Anamika Singh
*!* "पिता" के चरणों को नमन *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
Little sister
Buddha Prakash
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
वेदों की जननी... नमन तुझे,
मनोज कर्ण
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
'परिवर्तन'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
जीवन के उस पार मिलेंगे
Shivkumar Bilagrami
बेचारी ये जनता
शेख़ जाफ़र खान
✍️One liner quotes✍️
Vaishnavi Gupta
चमचागिरी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Security Guard
Buddha Prakash
जिंदगी
Abhishek Pandey Abhi
आंखों पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
ख़्वाब पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
मेरी उम्मीद
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Life through the window during lockdown
ASHISH KUMAR SINGH
पिता अब बुढाने लगे है
n_upadhye
भगवान जगन्नाथ की आरती (०१
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अब आ भी जाओ पापाजी
संदीप सागर (चिराग)
माँ तुम अनोखी हो
Anamika Singh
The Sacrifice of Ravana
Abhineet Mittal
पितृ वंदना
संजीव शुक्ल 'सचिन'
पहाड़ों की रानी शिमला
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
Loading...