Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Sep 2018 · 1 min read

** तेरा बेमिसाल हुस्न **

जब तेरे कदम इतने सुंदर तो तेरा चेहरा कितना खूबसूरत होगा ?
जब तेरे नैन इतने मतवाले तो तेरा दिल कितना खूबसूरत होगा ?

तेरे “ बेमिसाल हुस्न के भंवर ” में डूबकर हम किस “ जहाँ ” आ गए,
जहाँ से अब न लौट सकूं , उस नाव पर बैठकर हम किस जहाँ आ गए,
तेरे नैनों में “प्यार के फूलों की नगरी” है बसती , उस जहाँ पर आ गए ,
भटके लोगों को जिंदगी का रास्ता दिखाने वाले तेरी धरा पर हम आ गए I

जब तेरे कदम इतने सुंदर तो तेरा चेहरा कितना खूबसूरत होगा ?
जब तेरे नैन इतने मतवाले तो तेरा दिल कितना खूबसूरत होगा ?

जब तुम दिल में रहते हो तो तुम्हारे रहने का मैं क्यों इंतजाम करूँ ?
दिलों में रहते हो फिर क्यों “ मकान ” बनाने का मैं इंतजाम करूँ ?
अम्बर है तेरा शामियाना तो फिर तेरे लिए क्यों घर की तलाश करूँ?
जो बुझाता है “प्यास” सबकी उसके लिए जल की तलाश क्यों करूँ ?

जब तेरे कदम इतने सुंदर तो तेरा चेहरा कितना खूबसूरत होगा ?
जब तेरे नैन इतने मतवाले तो तेरा दिल कितना खूबसूरत होगा ?

“राज” उठाने-गिराने में तूने अनमोल जीवन को गवां दिया ,
“नफरत की आग” लगाते-2 अपने “घर”को भी जला लिया,
तेरे नाम की माला ने मुझे जीने का एक रास्ता दिखा दिया,
तेरी एक नज़र ने मुझे “जिंदगी के मालिक” से मिला दिया I

जब तेरे कदम इतने सुंदर तो तेरा चेहरा कितना खूबसूरत होगा ?
जब तेरे नैन इतने मतवाले तो तेरा दिल कितना खूबसूरत होगा ?

***********

देशराज “राज”

1 Like · 331 Views
You may also like:
"हे वसन्त, है अभिनन्दन.."
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
आने वाला वर्ष भी दे हमें भरपूर उत्साह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
आजादी का दौर
Seema 'Tu hai na'
ये कैसी तडपन है, ये कैसी प्यास है
Ram Krishan Rastogi
जिंदगी
Abhishek Pandey Abhi
✍️घर घर तिरंगा..!✍️
'अशांत' शेखर
विचारधारा
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
पूर्व जन्म के सपने
RAKESH RAKESH
दर्द की चादर ओढ़ कर।
Taj Mohammad
मजबूर दिल की ये आरजू
VINOD KUMAR CHAUHAN
प्रेम
लक्ष्मी सिंह
साक्षात्कार- मनीषा मंजरी- नि:शब्द (उपन्यास)
Sahityapedia
स्वंग का डर
Sushil chauhan
" रब की कलाकृति "
Dr Meenu Poonia
हीरा बा
मृत्युंजय कुमार
This is how the journey of a warrior begins.
Manisha Manjari
अराजकता का माहौल
Shekhar Chandra Mitra
इंसानी दिमाग
विजय कुमार अग्रवाल
*बहन को भाई की परदेस में भी याद आती है(हिंदी...
Ravi Prakash
ऐसा क्या है तुझमें
gurudeenverma198
एक फूल की हत्या
Minal Aggarwal
ज़िंदगी को पता नहीं होगा
Dr fauzia Naseem shad
मेरे गुरु
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प्रेरक कथा- *हिसाब भगवान रखते हैं-
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
घिसी चप्पल
N.ksahu0007@writer
सहरा से नदी मिल गई
अरशद रसूल /Arshad Rasool
जय माता की
Pooja Singh
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मायके की धूप रे
Rashmi Sanjay
■ कटाक्ष-
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...