Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jul 2016 · 1 min read

तुमसे मिलु मैं कुछ इस तरह…

तुमसे मिलु मैं कुछ इस तरह, की कोई मुझे आवाज़ ना दे,
घुल जाउ तुममे इस कदर, की धड़कने मेरा साथ ना दे
कह जाउ तुमसे इस तरह, की कोई सुन भी ना पाये,
आंखे बयाँ करें और जुबां जज़्बात ना दे.

– © नीरज चौहान

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
3 Comments · 270 Views
You may also like:
यह सूखे होंठ समंदर की मेहरबानी है
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
इच्छाओं का घर
Anamika Singh
【10】 ** खिलौने बच्चों का संसार **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
ज़िन्दगी के किस्से.....
Chandra Prakash Patel
✍️मी परत शुन्य होणार नाही..!✍️
'अशांत' शेखर
🍀🐦तुम्हारा हर हर्फ़ मलंग सा🐦🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Rainbow in the sky 🌈
Buddha Prakash
तन्मय
Vishnu Prasad 'panchotiya'
★ हिन्दू हूं मैं हिन्दी से ही मेरी पहचान है।...
★ IPS KAMAL THAKUR ★
आजादी का जश्न
DESH RAJ
प्यार:एक ख्वाब
Nishant prakhar
"कुछ अधूरे सपने"
MSW Sunil SainiCENA
कबीर के राम
Shekhar Chandra Mitra
एक पाती पितरों के नाम
Ram Krishan Rastogi
आहट को पहचान...
मनोज कर्ण
बच्चों को खूब लुभाते आम
Ashish Kumar
हर युग में जय जय कार
जगदीश लववंशी
जीत-हार में भेद ना,
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जात पात
Harshvardhan "आवारा"
आपातकाल
Shriyansh Gupta
आज भी याद है।
Taj Mohammad
मुझको क्या मतलब तुमसे
gurudeenverma198
कभी मज़बूत नहीं होते
Dr fauzia Naseem shad
रामभक्त शिव (108 दोहा छन्द)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बीती यादें
Kaur Surinder
मुझे मालूम है तु मेरा नहीं
Gouri tiwari
*थके-हारे अगर हो तो, तनिक विश्राम कर लेना (मुक्तक)*
Ravi Prakash
सुन मेरे बच्चे !............
sangeeta beniwal
रहे इहाँ जब छोटकी रेल
आकाश महेशपुरी
प्यार
Swami Ganganiya
Loading...