Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 27, 2022 · 1 min read

तजर्रुद (विरक्ति)

इस सरगर्मी -ए – माहौल से दूर हो जाना चाहता हूं ,
खुद को भुलाकर तन्हाइयों मे खो जाना चाहता हूं ,
इंसानियत के मुखौटे पहने ये चेहरे मुझे रास नहीं आते हैं ,
हमदर्दी की आड़ में खुदगर्ज ये अफराद मुझे नही भाते हैं,
मक्कारी ,फरेब और झूठ के दायरों में सच्चाई सिमट कर
रह गई है ,
दहशतगर्दी और हैवानियत के चंगुल में इंसानियत सिसकती रह गई है ,
किसी मसीहे का इंतज़ार अब बेकार है,
ज़ुल्म -ओ-जब्र में डूबी ज़िदगानी अब बेज़ार है।

1 Like · 4 Comments · 78 Views
You may also like:
✍️ज़ख्मो का स्वाद✍️
'अशांत' शेखर
ये लखनऊ है मेरी जान।
Taj Mohammad
जोकर vs कठपुतली ~03
bhandari lokesh
शुद्धिकरण
Kanchan Khanna
पति पत्नी की नोक झोंक(हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
अत्याचार
AMRESH KUMAR VERMA
आज भी याद है।
Taj Mohammad
रफ्तार
Anamika Singh
शिखर छुऊंगा एक दिन
AMRESH KUMAR VERMA
बुंदेली दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
✍️जिंदगी क्या है...✍️
'अशांत' शेखर
स्वाधीनता
AMRESH KUMAR VERMA
✍️निज़ाम✍️
'अशांत' शेखर
मैथिली के प्रथम मुस्लिम कवि फजलुर रहमान हाशमी (शख्सियत) -...
श्रीहर्ष आचार्य
मैं हूँ किसान।
Anamika Singh
तेरा नसीब बना हूं।
Taj Mohammad
वक्त बदलता रहता है
Anamika Singh
He is " Lord " of every things
Ram Ishwar Bharati
तुम्हारा हर अश्क।
Taj Mohammad
एहतराम करते है।
Taj Mohammad
उसूल
Ray's Gupta
धरा करे मनुहार…
Rekha Drolia
✍️मैं जलजला हूँ✍️
'अशांत' शेखर
ग़ज़ल
kamal purohit
उतरते जेठ की तपन / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
इंसानों की इस भीड़ में
Dr fauzia Naseem shad
'फौजी होना आसान नहीं होता"
Lohit Tamta
✍️धुप में है साया✍️
'अशांत' शेखर
*आत्मा का स्वभाव भक्ति है : कुरुक्षेत्र इस्कॉन के अध्यक्ष...
Ravi Prakash
सफलता
Anamika Singh
Loading...