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May 10, 2022 · 2 min read

*तजकिरातुल वाकियात* (पुस्तक समीक्षा )

*तजकिरातुल वाकियात*
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*1586* ईस्वी में लिखे गए *संस्मरण* की यह 208 प्रष्ठ की किताब है । संस्मरण हिंदुस्तान के *बादशाह हुमायूँ* के बारे में है और लिखा है उस व्यक्ति ने जो उनको पानी पीने के लिए ,मुँह धोने, नहाने, वजू करने आदि के लिए उपलब्ध कराता था । नाम था *जौहर आफताब्ची* ।
रामपुर रजा लाइब्रेरी ने पुस्तक के परिचय में *आफताब्ची का अर्थ अफताबा बरदार अर्थात लोटा उठाने वाला* बताया है।
जरा सोचिए ! क्या कल्पना की जा सकती है कि जिस व्यक्ति को आजीविका के निर्वहन के लिए यह कार्य दिया गया हो ,वह बादशाह की मृत्यु के 30 वर्ष बाद अपने संस्मरण लिपिबद्ध करेगा और वह इतने मूल्यवान हो जाएँगे कि अपने आप में एक इतिहास बन जाएँगे । क्योंकि लेखक बादशाह के बहुत करीबी था। छोटे पद पर तो अवश्य था , लेकिन लगभग 24 घंटे वह बादशाह की सेवा में रहता था और उसे जाहिर है बहुत निकट से बादशाह को देखने का ,उनकी आदतों को समझने का, चीजों पर विचार करने और सबके साथ उनके जो संपर्क रहे होंगे ,उनको परखने का अवसर मिला होगा । यह पुस्तक बताती है कि व्यक्ति का कार्य छोटा हो सकता है लेकिन वह बड़े-बड़े लोगों को नजदीक से परखता है और अगर उसके पास एक पारखी दृष्टि है तो वह ऐसा इतिहास लिख सकता है जो आने वाले सैकड़ों वर्षों तक लोगों को प्रामाणिक जानकारियाँ उपलब्ध कराता रहेगा। कई बार व्यक्ति का वास्तविक चेहरा बड़े-बड़े सार्वजनिक समारोहों में उसके द्वारा दिए गए भाषणों से नहीं अपितु जीवन में छोटी-छोटी बातों से पता चलता है ।
किताब के बारे में रामपुर रजा लाइब्रेरी के फेसबुक पेज पर जब पढ़ा तो मन में एक सवाल यह भी पैदा हुआ कि हम आधुनिक युग में कितने सौभाग्यशाली हैं कि हमारे पास पानी की पाइप लाइनों में चौबीसों घंटे पानी दौड़ता रहता है । पानी के बड़े-बड़े टैंक लगाए गए हैं तथा एक टोटी खोलने मात्र से ही ठंडा और गर्म पानी उपलब्ध हो जाता है । सैकड़ों साल पहले इसी काम के लिए कर्मचारी रखे जाते थे और तब भी वह आनन्द जो आज साधारण व्यक्ति तक को उपलब्ध है ,राजा महाराजाओं को भी शायद नसीब नहीं हो पाता होगा । टेक्नोलॉजी ने मनुष्य के जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन ला दिया है।
मूल रूप से पुस्तक फारसी में लिखी गई थी । रामपुर रजा लाइब्रेरी के पास इसकी पांडुलिपि उपलब्ध थी और अब इसका हिंदी अनुवाद लाइब्रेरी ने प्रकाशित किया है। *रामपुर रजा लाइब्रेरी को बधाई ।*
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*रवि प्रकाश , बाजार सर्राफा*
*रामपुर (उत्तर प्रदेश)*
*मोबाइल 99976 15451*

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