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2 Jun 2022 · 1 min read

✍️डार्क इमेज…!✍️

✍️डार्क इमेज…!✍️
————————————————//
कालसर्पासारखी उभी
बघ डागाळलेली काळी प्रतिमा माझी…!
आरशात पाहतो मी डार्क इमेज माझी…!

सहज विचारलं
ओळखल का मला..!
दुर्लक्षित भाव चेहऱ्यावर त्याच्या
नकार मान हलविली
का ओळख हरविली माझी..?
आरशात पाहतो मी डार्क इमेज माझी…!

नाही म्हणू नकोस
लांबुन आलो घेवुन आस तुझी
काय सांगु दैना जिवाची
कामाच्या शोधात उपास माझी..!
आरशात पाहतो मी डार्क इमेज माझी..!

मी अश्वथाम्या सारखा शापित
उरी भूतकाळाच्या खोल जखमा घेवुन
वणवणतोय ह्या गर्त वर्तमानात…!
माथ्यावरचा माझ्या कोण
उपटणार कलंकाचा मणी..?
कोण जाणे कळेना..सुचेना…
कोण पुसणार भविष्यात
रेघ काळी हातावरच्या माझी..!
आरशात पाहतो मी डार्क इमेज माझी..!
—————————————————-//
✍️”अशांत”शेखर✍️
12/05/2022

97 Views
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