Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

डरता बचपन?

सहम जाता हूँ माँ जब “आँचल” से तेरे दूर होता हूं..
एक रूह सी काप उठती दिल मे जब आँखों से तेरे ओझल होता हूँ…

अपने दिल की धडकनों को दबायें,घबराहट को छुपाये..तेरी मुस्कुराहट संग मुस्कुराता हूं.. पर सच तो ये है “माँ”मै अब सहम सा जाता हूँ…

यूं तो मेरे स्कूल बस के ड्राइवर,कंडक्टर अंकल मुझे बहुत लाड लगाते है…
समय पर स्कूल,स्कूल से घर पहुंचा जाते है…

भुख लगे जो मुझको तो बिना बोले समझ जाते है..
“माँ”मेरी पसंद के चाकलेट बिस्किट प्यार से मुझे खिलाते है…

समझ नही पाता माँ मै इन्होंने ऐसा काम किया..
हँसते खेलते बचपन को कैसे एकदम से यूं शान्त किया..

एक सिरहन सी होतीं तन मे मै कैसे इन पर अब विस्वास करू..
सहम जाता हूं माँ जब तुझसे दूर होता हूं..

अब तो शिक्षा का हर मंदिर शमशान नजर सा आता है..
क्या देखूं भविष्य के सपने.. यहाँ तो आने वाला कल भी नजर नही आता है…

आँखों के आगे अंधियारा सा छा जाता है..सहम जाता हूँ माँ जब तेरा आँचल छूट जाता है…

अब तो आदत बनानी होगी मुझको अपनी प्यास बुझाने की..
डर लगता मुझको बाहर को भी जाने की..

संगी साथी भी डरे हूए है कोई न किसी का साथ है देते..
घर पहुंचे कैसे तैसे यही मन को विस्वास है
देते…।
पढने आऐ है पर पढने मे भी मन न लगे.।सामने खडी टीचर भी अब तो यमराज का दूत लगे…

कैसे कहूँ की बचा लो माँ इस गंदी दुनिया से नही लगता मन मेरा ओछल तेरी छईयाँ से
नही लगता मन मेरा ओछल तेरी छँईया से…

204 Views
You may also like:
ऐसे थे पापा मेरे !
Kuldeep mishra (KD)
आतुरता
अंजनीत निज्जर
जिन्दगी का सफर
Anamika Singh
वक़्त किसे कहते हैं
Dr fauzia Naseem shad
माँ की परिभाषा मैं दूँ कैसे?
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
पितृ ऋण
Shyam Sundar Subramanian
सब अपने नसीबों का
Dr fauzia Naseem shad
'परिवर्तन'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
समय का सदुपयोग
Anamika Singh
बरसात
मनोज कर्ण
पापा आपकी बहुत याद आती है !
Kuldeep mishra (KD)
अपना ख़्याल
Dr fauzia Naseem shad
आपसा हम जो दिल
Dr fauzia Naseem shad
नास्तिक सदा ही रहना...
मनोज कर्ण
श्री राम स्तुति
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
संत की महिमा
Buddha Prakash
ऐ ज़िन्दगी तुझे
Dr fauzia Naseem shad
ढाई आखर प्रेम का
श्री रमण 'श्रीपद्'
पाँव में छाले पड़े हैं....
डॉ.सीमा अग्रवाल
आपकी तारीफ
Dr fauzia Naseem shad
मुँह इंदियारे जागे दद्दा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
✍️गलतफहमियां ✍️
Vaishnavi Gupta
प्यार में तुम्हें ईश्वर बना लूँ, वह मैं नहीं हूँ
Anamika Singh
मृत्यु या साजिश...?
मनोज कर्ण
पापा करते हो प्यार इतना ।
Buddha Prakash
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता
Pt. Brajesh Kumar Nayak
🥗फीका 💦 त्यौहार💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द
पितृ महिमा
मनोज कर्ण
Loading...