Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 May 2022 · 1 min read

सो गया है आदमी

जानवर भी है परेशाँ आदमी की फितरतों से,
कौन जाने जानवर ही हो गया है आदमी!

रास्ते पर चल रहा है मखमली चेहरा लिए वह,
खुद ही खुद का पैरहन अब हो गया है आदमी!

ये शोहरतों का पेड़ उगाये बैठा है माथे पर,
इंसानियत की लाश में अब खो गया है आदमी!

रास्ते पर कल सुबह मारा गया एक राहगीर,
सेल्फियों के साथ, फोटो हो गया है आदमी!

खुदा जाने किस तरह से गुज़र होगा इस शहर में,
कान में ढक्कन लगा के सो गया है आदमी!

6 Likes · 5 Comments · 226 Views
You may also like:
वर्तमान परिवेश और बच्चों का भविष्य
Mahender Singh Hans
🚩आगे बढ़,मतदान करें।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
सुबह - सवेरा
AMRESH KUMAR VERMA
'विश्व जनसंख्या दिवस'
Godambari Negi
✍️बहोत गर्मी है✍️
'अशांत' शेखर
बेटियों तुम्हें करना होगा प्रश्न
rkchaudhary2012
गाछ (लोकमैथिली हाइकु)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
वो एक तुम
Saraswati Bajpai
*मित्र ( कुंडलिया )*
Ravi Prakash
तुझे देखूं सुबह शाम।
Taj Mohammad
राहें
Sidhant Sharma
मत भूलो देशवासियों.!
Prabhudayal Raniwal
कवि का कवि से
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
पानी की कहानी, मेरी जुबानी
Anamika Singh
"पुष्प"एक आत्मकथा मेरी
Archana Shukla "Abhidha"
याद बीते दिनों की - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
देवदासी
Shekhar Chandra Mitra
पिता की व्यथा
मनोज कर्ण
वक्त की कीमत
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
🙏महागौरी🙏
पंकज कुमार कर्ण
अगर नशा सिर्फ शराब में
Nitu Sah
Though of the day 😇
ASHISH KUMAR SINGH
बच्चों में नहीं पनप रहे संस्कार
Author Dr. Neeru Mohan
Feel The Love
Buddha Prakash
दिल में भी इत्मिनान रक्खेंगे ।
Dr fauzia Naseem shad
अपने मंजिल को पाऊँगा मैं
Utsav Kumar Aarya
इंतजार का....
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
वो_हमे_हम उन्हें_ याद _आते _रहेंगे
कृष्णकांत गुर्जर
मैं आखिरी सफर पे हूँ
VINOD KUMAR CHAUHAN
कई दिनों से मेरी मां से बात ना हुई।
★ IPS KAMAL THAKUR ★
Loading...