टुटा हुआ तारा

दुःखों का जाल भी है,
दर्द बेमिसाल भी है,
फिर भी हँसते रहें है,
ये भी कमाल ही है!

लपटें भी उठ रहीं हैं,
ज्वाला धधक रही है,
बाहर से यूँ खड़े हैं,
अंदर से खाक भी हैं!

इम्तेहान मेरा भी था,
इम्तेहान तेरा भी था,
मैं जीत कर हारा हूँ,
तू हार कर भी जीता!

तुझे मिल गयी ख़ुशी है,
मैं बुझ गया हूँ सारा,
तू चाँद चमकता है,
मैं टुटा हुआ तारा!

-अनुपम राय’कौशिक’

1 Comment · 171 Views
You may also like:
गढ़वाली चित्रकार मौलाराम
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कच्चे आम
Prabhat Ranjan
हंँसना तुम सीखो ।
Buddha Prakash
मेरे बेटे ने
Dhirendra Panchal
आज तिलिस्म टूट गया....
Saraswati Bajpai
बेपनाह गम था।
Taj Mohammad
🌷मनोरथ🌷
पंकज कुमार "कर्ण"
विसाले यार ना मिलता है।
Taj Mohammad
हनुमान जी वंदना ।। अंजनी सुत प्रभु, आप तो विशिष्ट...
Kuldeep mishra (KD)
रफ़्तार के लिए (ghazal by Vinit Singh Shayar)
Vinit Singh
पिता
Manisha Manjari
कोई हमारा ना हुआ।
Taj Mohammad
मेरे पापा!
Anamika Singh
महाभारत की नींव
ओनिका सेतिया 'अनु '
मयंक के जन्मदिन पर बधाई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
$गीत
आर.एस. 'प्रीतम'
गैरों की क्या बात करें
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तुम जो मिल गई हो।
Taj Mohammad
कवि का परिचय( पं बृजेश कुमार नायक का परिचय)
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मुस्कुराहटों के मूल्य
Saraswati Bajpai
लड़कियों का घर
Surabhi bharati
पिता एक सूरज
डॉ. शिव लहरी
"कर्मफल
Vikas Sharma'Shivaaya'
पापा
Nitu Sah
प्रेम का आँगन
मनोज कर्ण
शेर राजा
Buddha Prakash
मै पैसा हूं दोस्तो मेरे रूप बने है अनेक
Ram Krishan Rastogi
'पिता' हैं 'परमेश्वरा........
Dr. Alpa H.
सुमंगल कामना
Dr.sima
**यादों की बारिशने रुला दिया **
Dr. Alpa H.
Loading...