झूठ (दोहावली)

झूठ कभी ना जीतता, कर लो जतन हजार।
भले देर से ही सही, जीते सच हर बार।।
**
झूठ सदा भारी पड़ा, बढ़े अधर्मी पाप।
सत्य तभी निर्बल पड़ा, हुए न दृढ़ हम आप।।
**
सत्य सदा जो बोलता, रखना पड़े न याद।
एक झूठ करता सदा, सौ झूठी फरियाद।।
**
झूठ घटाती मुश्किलें, भ्रम तू ये ना पाल।
घर में ही क्या कम पलें, कुछ जी के जंजाल।।
**
झूठे की रहती सदा, रातों नींद हराम।
सच्चा सोता चैन से, कर के सारे काम।।

157 Views
You may also like:
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
आकाश महेशपुरी
कुछ भी ना साथ रहता है।
Taj Mohammad
दुनिया पहचाने हमें जाने के बाद...
Dr. Alpa H.
वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
दादी मां बहुत याद आई
VINOD KUMAR CHAUHAN
गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से
Ram Krishan Rastogi
एहसासों के समंदर में।
Taj Mohammad
दिल और गुलाब
Vikas Sharma'Shivaaya'
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
प्रलयंकारी कोरोना
Shriyansh Gupta
सौगंध
Shriyansh Gupta
चमचागिरी
सूर्यकांत द्विवेदी
नया सूर्योदय
Vikas Sharma'Shivaaya'
बच्चों के पिता
Dr. Kishan Karigar
कविराज
Buddha Prakash
आज तिलिस्म टूट गया....
Saraswati Bajpai
यादों की भूलभुलैया में
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
विरह का सिरा
Rashmi Sanjay
"राम-नाम का तेज"
Prabhudayal Raniwal
अंदाज़।
Taj Mohammad
अमर कोंच-इतिहास
Pt. Brajesh Kumar Nayak
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग८]
Anamika Singh
ज़ुबान से फिर गया नज़र के सामने
कुमार अविनाश केसर
लड़ते रहो
Vivek Pandey
सेतुबंध रामेश्वर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ईद की दिली मुबारक बाद
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता जी का आशीर्वाद है !
Kuldeep mishra (KD)
हंँसना तुम सीखो ।
Buddha Prakash
मयखाने
Vikas Sharma'Shivaaya'
Loading...