Oct 6, 2016 · 1 min read

झूठ की अम्मा रो दी…:हास्य कुण्डलिया :

मोदी, राउल भूख में, भटके रेगिस्तान.
मस्जिद देखी सामने. संकट में थी जान.
संकट में थी जान, तंग हो राउल बोलें,
मैं हमीद औ तुम शफीक, बन मस्जिद हो लें.
मैं मोदी ही ठीक, झूठ की अम्मा रो दी,
‘रोजा’, हाय नसीब! छक रहे जमकर मोदी.

प्रस्तुति: इंजी० अम्बरीष श्रीवास्तव ‘अम्बर’

112 Views
You may also like:
Waqt
ananya rai parashar
तुम...
Sapna K S
पर्यावरण और मानव
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
Un-plucked flowers
Aditya Prakash
महाप्रभु वल्लभाचार्य जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
काश बचपन लौट आता
Anamika Singh
'दुष्टों का नाश करें' (ओज - रस)
Vishnu Prasad 'panchotiya'
प्यार, इश्क, मुहब्बत...
Sapna K S
Kavita Nahi hun mai
Shyam Pandey
निशां मिट गए हैं।
Taj Mohammad
ईश्वरतत्वीय वरदान"पिता"
Archana Shukla "Abhidha"
!!*!! कोरोना मजबूत नहीं कमजोर है !!*!!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
*ओ भोलेनाथ जी* "अरदास"
Shashi kala vyas
💐प्रेम की राह पर-33💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ग़ज़ल
Anis Shah
वार्तालाप….
Piyush Goel
पिता जी
Rakesh Pathak Kathara
ऐ जिंदगी।
Taj Mohammad
यादें
Sidhant Sharma
💐प्रेम की राह पर-32💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
#पूज्य पिता जी
आर.एस. 'प्रीतम'
महंगाई के दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
विदाई की घड़ी आ गई है,,,
Taj Mohammad
मेरे पापा
Anamika Singh
आपकी तरहां मैं भी
gurudeenverma198
'फूल और व्यक्ति'
Vishnu Prasad 'panchotiya'
बड़ा भाई बोल रहा हूं
Satpallm1978 Chauhan
'सती'
Godambari Negi
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
कराहती धरती (पृथ्वी दिवस पर)
डॉ. शिव लहरी
Loading...