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7 Aug 2021 · 1 min read

” ज्वारभाटा मित्रों का “

डॉ लक्ष्मण झा “परिमल ”
===============
एक होड़ सी मच
गयी है
मित्रता की दौड़ में !
किसके पाले में
कितने दोस्त हैं
किसके फेसबुक में !!
कितने लोग हैं
लगता है
कोई फिर से महाभारत युद्ध का
शंखनाद गूंजेगा
अपने पराक्रम
को गणना से समझायेंगे
कि ‘देखलो हमारे मित्र कितने हैं !
अब तो हम कुरुक्षेत्र
में पांडव को ललकारेंगे !!
पर हम तो
चाटुकारिता ,झूठी प्रशंसा
शाबश,बिलक्षण इत्यादियों
को ही सुनकर
अपनी फौज की रचना कर रहें हैं !
हृदय पर हाथ रखकर
तुम कहो
भीम के प्रहारों से क्या बच सकोगे ?…….
यह मित्रता हमें ज्ञान देता ,
प्यार का पैगाम देता ,
अपने उदगारों को जब तक
अपनी लेखनी में न कहोगे
मित्रता तब तक अधूरी ही रहेगी !!
========================
डॉ लक्ष्मण झा “परिमल ”
साउंड हेल्थ क्लिनिक
डॉक्टर’स लेन
दुमका
झारखण्ड
भारत

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 1 Comment · 121 Views
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