Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Nov 9, 2016 · 1 min read

[[ जो डूबा इश्क़ के दरिया में वो दिलबर नही लौटा ]]

#मुक्तक

जो डूबा इश्क़ के दरिया में वो दिलबर नही लौटा
गया जो डूब इसमें यार ,वो अक़्सर नही लौटा

बिताये साथ जो लम्हें मुहब्बत में सनम हमने
सुहाने उन पलों का फिर कभी लश्कर नही लौटा

#नितिन_शर्मा

109 Views
You may also like:
शाश्वत सत्य की कलम से।
Manisha Manjari
* तु मेरी शायरी *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
भारत बनाम (VS) पाकिस्तान
Dr.sima
💐💐प्रेम की राह पर-14💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
श्री अग्रसेन भागवत ः पुस्तक समीक्षा
Ravi Prakash
कुछ भी ना साथ रहता है।
Taj Mohammad
गौरैया बोली मुझे बचाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हादसा
श्याम सिंह बिष्ट
पिता है मेरे रगो के अंदर।
Taj Mohammad
प्रणाम : पल्लवी राय जी तथा सीन शीन आलम साहब
Ravi Prakash
हिम्मत न हारों
Anamika Singh
मेरा ना कोई नसीब है।
Taj Mohammad
शून्य से अनन्त
D.k Math
लांगुरिया
Subhash Singhai
कहानियां
Alok Saxena
वो काली रात...!
मनोज कर्ण
पत्थर दिल।
Taj Mohammad
चार
Vikas Sharma'Shivaaya'
ऐ जिंदगी कितने दाँव सिखाती हैं
Dr. Alpa H. Amin
दादी की कहानी
दुष्यन्त 'बाबा'
غزل
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
राम घोष गूंजें नभ में
शेख़ जाफ़र खान
आज असंवेदनाओं का संसार देखा।
Manisha Manjari
ए बदरी
Dhirendra Panchal
मेरी प्यारी प्यारी बहिना
gurudeenverma198
*मृदुभाषी श्री ऊदल सिंह जी : शत-शत नमन*
Ravi Prakash
पुस्तैनी जमीन
आकाश महेशपुरी
सूरज का ताप
सतीश मिश्र "अचूक"
कुछ लोग यूँ ही बदनाम नहीं होते...
मनोज कर्ण
#पूज्य पिता जी
आर.एस. 'प्रीतम'
Loading...