Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

जीवन यात्रा

जियो ये जीवन सफर समझकर,मंजिल को आसान बनाना है।
छोड़ बुरी यादों को सफर में,अच्छी यादों को अपनाना है।।
रंगों को अपनाते चलना है,और रोगों को छोड़ते जाना है।
बुरे अच्छे सब लोग जगत में,हमें बस अच्छा ही अपनाना है।।
ढूंढ ढूंढ कर चुन लो सब हीरे,पत्थर को छोड़ते जाना है।
नदी सा मीठा जल बनकर हमें,सबके जीवन में लहराना है।।
धोखे बहुत मिलेंगे तुमको,किसी के धोखे में नहीं आना है।
अच्छे बुरे को पहचान लो,इतना सक्षम तुम्हें खुद को बनाना है।।
सुख दुःख का संगम यह जीवन, दुःख से तुम्हें नहीं घबराना है।
करके सामना दृढ़ता से दुख का,तुमको दुःख को दूर भगाना है।।
दुःख जायेगा जब जीवन से,तभी तो सुख को जीवन में आना है।
सुख की करो कामना हरदम,हर हाल में तुमको सुख अपनाना है।।
सुख दुःख की इस भागदौड़ में,तुमको ये जीवन सफल बनाना है।
खुशियाँ कैसे पाना है तुमको,हमेशा खुशियों को गले लगाना है।।
कहे विजय बिजनौरी ये जीवन है, इसको आसान बनाना है।
दृढ़ निश्चय और विश्वास के साथ,बस तुमको इसे जीते जाना है।।

विजय कुमार अग्रवाल
विजय बिजनौरी

3 Likes · 28 Views
You may also like:
इंसानो की यह कैसी तरक्की
Anamika Singh
मिलन की तड़प
Dr.Alpa Amin
जिन्दगी रो पड़ी है।
Taj Mohammad
अभी तुम करलो मनमानियां।
Taj Mohammad
हर फौजी की कहानी
Dalveer Singh
माँ की परिभाषा मैं दूँ कैसे?
Jyoti Khari
संस्कार जगाएँ
Anamika Singh
✍️जिंदगी के अस्ल✍️
"अशांत" शेखर
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
शुभ मुहूर्त
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रेलगाड़ी- ट्रेनगाड़ी
Buddha Prakash
चेहरा अश्कों से नम था
Taj Mohammad
स्वादिष्ट खीर
Buddha Prakash
एक फूल खिलता है।
Taj Mohammad
खुशनुमा ही रहे, जिंदगी दोस्तों।
सत्य कुमार प्रेमी
चाह इंसानों की
AMRESH KUMAR VERMA
✍️तलाश ज़ारी रखनी चाहिए✍️
"अशांत" शेखर
ग़र वो है बेवफ़ा बेवफ़ा ही सही
Mahesh Ojha
*हनुमान धाम-यात्रा*
Ravi Prakash
मेरे दिल को
Shivkumar Bilagrami
चेहरे पर कई चेहरे ...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
जाने क्यों
सूर्यकांत द्विवेदी
पापा
Nitu Sah
आ तुझको तुझ से चुरा लू
Ram Krishan Rastogi
आखिर क्या... दुनिया को
Nitu Sah
तेरी कातिल नजरो से
Ram Krishan Rastogi
दिल का यह
Dr fauzia Naseem shad
गुुल हो गुलशन हो
VINOD KUMAR CHAUHAN
हे शिव ! सृष्टि भरो शिवता से
Saraswati Bajpai
गीतायाः पाठ:।
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...