Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

जीवन में कुछ खोया भी —– गज़ल

जीवन में कुछ खोया भी
लेकिन ज्यादा पाया भी

नफरत की चिंगारी फेंक
लोगों ने भड़काया भी

उसके शिकवे सुन कर कुछ
अपना दर्द सुनाया भी

मुझ को डमरू समझे लोग
सब ने खूब बजाया भी

कहना कुछ बेकार लगा
शिकवा होठों पर आया भी

उड़ते उड़ते बात उड़ी
इतना राज छुपाया भी

पहले बोला गुस्से में
फिर उसने बहलाया भी

गुस्सा उस पर आया भी
पर दिल को समझाया भी

मंदिर मस्जिद जो देखा
सर को वहाँ झुका्या भी

होठों पर मुस्कान रही
आंसू पर छलकाया भी

1 Like · 2 Comments · 252 Views
You may also like:
फर्क पिज्जा में औ'र निवाले में।
सत्य कुमार प्रेमी
हमको समझ ना पाए।
Taj Mohammad
पत्ते ने अगर अपना रंग न बदला होता
Dr. Alpa H. Amin
शब्दों के एहसास गुम से जाते हैं।
Manisha Manjari
गीत
शेख़ जाफ़र खान
माँ की महिमाँ
Dr. Alpa H. Amin
पहले दिन स्कूल (बाल कविता)
Ravi Prakash
काव्य संग्रह
AJAY PRASAD
सारे निशां मिटा देते हैं।
Taj Mohammad
ब्रेक अप
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️अज़ीब इत्तेफ़ाक है✍️
"अशांत" शेखर
*अध्यात्म ज्योति :* अंक 1 ,वर्ष 55, प्रयागराज जनवरी -...
Ravi Prakash
मेरे खुदा की खुदाई।
Taj Mohammad
Love Heart
Buddha Prakash
जिन्दगी का सफर
Anamika Singh
हमलोग
Dr.sima
✍️ मसला क्यूँ है ?✍️
"अशांत" शेखर
"शौर्य"
Lohit Tamta
पिता
Deepali Kalra
💐💐प्रेम की राह पर-19💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
फ़ालतू बात यही है
gurudeenverma198
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
रबीन्द्रनाथ टैगोर पर तीन मुक्तक
Anamika Singh
न और ना प्रयोग और अंतर
Subhash Singhai
क्यों कहाँ चल दिये
gurudeenverma198
बरगद का पेड़
Manu Vashistha
गनर यज्ञ (हास्य-व्यंग)
दुष्यन्त 'बाबा'
कभी जमीं कभी आसमां बन जाता है।
Taj Mohammad
हर ख्वाहिश।
Taj Mohammad
आस्था और भक्ति
Dr. Alpa H. Amin
Loading...