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जीवन में आया नवल बसंत

जीवन मे आया नवल वसंत
खुशियो की कोकिल कूंक रही
हो रहा पतझड दुखो का अंत
जीवन मे आया नवल वसंत
गुंथी माला भ्रमर युग्म का
कलियां स्मित हो हर्षायी
मुदित हो रहा दिग दिगंत
जीवन मे आया नवल वसंत
प्रकृति खुशी मे फूल रही है
नव लतिका भी झूल रही है
पा गयी काम सा कंत
जीवन मे आया नवल वसंत
हरियाली है धरा पर छायी
देख पवन महकी सुख पायी
कोयल प्यारी कूंक लगायी
सब हो रहा दुखो का अंत
जीवन मे आया नवल वसंत

विन्ध्यप्रकाश मिश्र

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