Oct 20, 2016 · 1 min read

जीने के बहाने ढूढ़ लेती है जिंदगी

एक जिदगी कई फसाने ढूढ़ लेती है .
कुछ अच्छे तो कुछ बुरे अफसाने गढ़ लेती है
कभी किसी उम्मीद मे घुलकर
रंगीन हो जाती है जिंदगी
तो कभी किसी दर्द मे डूबकर
तार तार हो जाती है जिंदगी
कभी परियों के देश मे ले जाती है
कभी सच से परिचय कराती है
कभी बेमानी सी तो कभी अमूल्य हे जाती है
सच!! जीने के सौ बहाने ढूढ़ लेती है ये जिंदगी

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