Sep 16, 2016 · 1 min read

जीने की तम्मना तो हम भी रखते है/मंदीप

जीने की तम्मना तो हम भी रखते है,
दूर तक साथ निभाने की हसियत भी रखते है।

दूर हो जाओ मर्जी तुम जितना,
पास आने की ख्वाइस भी रखते है।

रुठ जाना तुम बेसक कितना,
हर बार मनाने की हसियत भी रखते है।

चुरा लो हम से आँखे बेसक कितनी तुम ,
आँखो में आँखे मिलाने की हसियत भी रखते है।

कर लो नफरत दिल से तुम हम से,
दिल को पिगलाने की हसियत हम भी रखते है।

भूजा लो प्यार के दीये तुम,
तुफानो में भी आग जलाने की हसियत हम भी रखते है।

दूर कभी मत होना तू “मंदीप” से,
दूर होने की हसियत हम नही रखते ।

मंदीपसाई

124 Views
You may also like:
अभी बचपन है इनका
gurudeenverma198
आज अपने ही घर से बेघर हो रहे है।
Taj Mohammad
तुम और मैं
Ram Krishan Rastogi
कल जब हम तुमसे मिलेंगे
Saraswati Bajpai
बुद्ध पूर्णिमा पर तीन मुक्तक।
Anamika Singh
पिता भगवान का अवतार होता है।
Taj Mohammad
कुछ दिन की है बात
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बुलंद सोच
Dr. Alpa H.
【31】{~} बच्चों का वरदान निंदिया {~}
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
सत्य भाष
AJAY AMITABH SUMAN
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग३]
Anamika Singh
जगत के स्वामी
AMRESH KUMAR VERMA
हम पे सितम था।
Taj Mohammad
【11】 *!* टिक टिक टिक चले घड़ी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
दहेज़
आकाश महेशपुरी
कोई तो है कहीं पे।
Taj Mohammad
हस्यव्यंग (बुरी नज़र)
N.ksahu0007@writer
मम्मी म़ुझको दुलरा जाओ..
Rashmi Sanjay
# स्त्रियां ...
Chinta netam मन
तुम धूप छांव मेरे हिस्से की
Saraswati Bajpai
क्या अटल था?
Saraswati Bajpai
गौरैया बोली मुझे बचाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
# उम्मीद की किरण #
Dr. Alpa H.
कोमल हृदय - नारी
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अंजान बन जाते हैं।
Taj Mohammad
महेनतकश इंसान हैं ... नहीं कोई मज़दूर....
Dr. Alpa H.
यादों का मंजर
Mahesh Tiwari 'Ayen'
*बुद्ध पूर्णिमा 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
बेजुबान
Anamika Singh
सिपाही
Buddha Prakash
Loading...