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जहर सा खतरनाक

मन अब मैला हो गया ,भाव हुआ नापाक।
वचन बदलते हर घड़ी, लोग हुए चालाक।।
जिसको सुविधा समझके, करते अंगीकार।
सोसल मिडिया हो गई, जहर सा खतरनाक।।

सूक्ष्मजीव सा हर तरफ , ये फैलाता रोग।
सोसल मिडिया का करो,सोच समझ उपयोग।।
पहले सोचें फिर लिखें, वरन फजीहत होय
बिन सोचे समझे करें, तभी फँस रहे लोग।।

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