Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 27, 2017 · 1 min read

जश्न जिंदगी

जीवन जीने का यत्न जिदंगी
खुद क्यूँ हो रही प्रश्न जिंदगी
छोड़ ही दे सिलसिले सवालों के
उम्मीदों का खूबसूरत जश्न जिंदगी

यूँ ही नहीं मिलती रत्न जिदंगी
प्यार मोहब्बत के चिह्न जिंदगी
छोड़ ही दे ये सिलसिले रंजिशो के
उम्मीदों का खूबसूरत जश्न जिंदगी

मीनाक्षी भटनागर दिल्ली
स्वरचित
19-9-2019

189 Views
You may also like:
रिश्तों में बढ रही है दुरियाँ
Anamika Singh
संकुचित हूं स्वयं में
Dr fauzia Naseem shad
दामन भी अपना
Dr fauzia Naseem shad
आंखों पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
ठोडे का खेल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
इश्क कोई बुरी बात नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
माखन चोर
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Kavita Nahi hun mai
Shyam Pandey
"निर्झर"
Ajit Kumar "Karn"
दूल्हे अब बिकते हैं (एक व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
Blessings Of The Lord Buddha
Buddha Prakash
खुद को तुम पहचानों नारी ( भाग १)
Anamika Singh
बरसात
मनोज कर्ण
बच्चों के पिता
Dr. Kishan Karigar
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मेरा खुद पर यकीन न खोता
Dr fauzia Naseem shad
नींद खो दी
Dr fauzia Naseem shad
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
'फूल और व्यक्ति'
Vishnu Prasad 'panchotiya'
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
✍️रास्ता मंज़िल का✍️
Vaishnavi Gupta
रेलगाड़ी- ट्रेनगाड़ी
Buddha Prakash
मिट्टी की कीमत
निकेश कुमार ठाकुर
गरम हुई तासीर दही की / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
चराग़ों को जलाने से
Shivkumar Bilagrami
अधुरा सपना
Anamika Singh
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
बरसाती कुण्डलिया नवमी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पिता का सपना
Prabhudayal Raniwal
Loading...