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Sep 7, 2017 · 1 min read

जय हे! वीणा पाणि माता

जय हो जय माता शारदे !
ओ शारदे !
हमें तार दे।
तेरे ही चरणों में है,
मेरा स्वर-स्वर,
मेरा शब्द-शब्द,
तू इन्हें उद्धार दे।
माता शारदे !
मांँ शारदे, हे माँ शारदे !!!

—–रंजना माथुर
दिनांक 29/08/2017 को मेरी स्व रचित व मौलिक रचना।
@copyright

1 Like · 1 Comment · 204 Views
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