Sep 16, 2021 · 2 min read

जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)

जय जगजननी ! मातु भवानी…
(भगवती गीत)

जय जगजननी! मातु भवानी,
दया करु माँ कृपा करु,
लियऽ हमरा अपन शरण में,
आब नै सोच विचार करु।

जन्म-जन्म कऽ पाप हरु माँ
तन मन निर्मल भ जायऽ ,
सदिखन रहय मन,अहींक चरण में,
हमरा में एहन भाव भरु ।

जय जगजननी! मातु भवानी…

विपदा सभ में अचल रहय मन,
हर क्षण अहींक ध्यान रहय,
बीत रहल अछि जीवनकै क्षण ,
आब नै तनिक विलंब करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

ई जग झूठा पल-पल हमरा,
भ्रमजाल में घेरैइ या,
ब्रह्मपिशाच जकरल अछि हमरा,
अहीं एकरा सऽ मुक्त करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

सत्य, सनातन,सुंदरि सपना,
जीवन कऽ आनंद बनै ,
सत्कर्म में बीतै जीवन,
एहन कृपा प्रदान करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

दऽ दिअऽ हमरा अविरल भक्ति,
नित्य बहऽ अश्रुधारा,
नित्य अहींक दरसन हो माँ ,
एहन श्रद्धा प्रदान करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

पर्वत शिखरि हिमालय जेहन,
हमर दृढ़ विश्वास रहय,
मन भरमै नऽ आशंका मे,
किछु तऽ अहां निदान करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

जे रिपु ने हमरा,एहेन सतैलक,
ओकरा अहां वशीभूत करु,
दिशाभ्रम ने होय,आब हमरा,
एहन शक्ति प्रदान करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

सद्गुरु के कृपा हमरा पर,
सदिखन एहिना बनल रहय
मोहपाश में फँसु नै आब हम,
एहन दिव्य प्रकाश करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

भूल कोनो ज होय अनजाने में
तत्क्षणि ओकरा क्षमा करब,
अहांकऽ कीर्ति सदा रहै जग में
शीतल छत्र प्रदान करु।

जय जगजननी! मातु भवानी…

कहैय मनोज महामाया से,
हमरा सनि मूढ़ नहिं जग में,
तनिक कृपा भऽ जायत अहांकऽ,
तऽ भवसागर हम पार करी।

जय जगजननी! मातु भवानी…

मौलिक एवं स्वरचित
सर्वाधिकार सुरक्षित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – ०६ /०९/२०२१
मोबाइल न. – 8757227201

3 Likes · 4 Comments · 427 Views
You may also like:
💐प्रेम की राह पर-28💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
【19】 मधुमक्खी
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
ज़ुबान से फिर गया नज़र के सामने
कुमार अविनाश केसर
कुएं का पानी की कहानी | Water In The Well...
harpreet.kaur19171
सौगंध
Shriyansh Gupta
ग़म की ऐसी रवानी....
अश्क चिरैयाकोटी
बिछड़न [भाग ३]
Anamika Singh
मैं चिर पीड़ा का गायक हूं
विमल शर्मा'विमल'
ग़ज़ल- इशारे देखो
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जी हाँ, मैं
gurudeenverma198
हमें अब राम के पदचिन्ह पर चलकर दिखाना है
Dr Archana Gupta
सूरज का ताप
सतीश मिश्र "अचूक"
मेरा ना कोई नसीब है।
Taj Mohammad
मन बस्या राम
हरीश सुवासिया
कलियों को फूल बनते देखा है।
Taj Mohammad
सहारा
अरशद रसूल /Arshad Rasool
पितृ महिमा
मनोज कर्ण
ग़म-ए-दिल....
Aditya Prakash
* अदृश्य ऊर्जा *
Dr. Alpa H.
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
किसको बुरा कहें यहाँ अच्छा किसे कहें
Dr Archana Gupta
हे विधाता शरण तेरी
Saraswati Bajpai
'मेरी यादों में अब तक वे लम्हे बसे'
Rashmi Sanjay
💐💐तुमसे दिल लगाना रास आ गया है💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
क्या होता है पिता
gurudeenverma198
'माँ मुझे बहुत याद आती हैं'
Rashmi Sanjay
बस एक निवाला अपने हिस्से का खिला कर तो देखो।
Gouri tiwari
मौलिक विचार
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
हिरण
Buddha Prakash
मेरे पापा!
Anamika Singh
Loading...