Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings

जब वो मुझसे जुदा हो जाएगा

जब वो मुझसे जुदा हो जाएगा
फिर तो बड़ा फ़ासला हो जाएगा।1।

ख़ुशी भी जाएगी उसी के साथ
कि ग़म मुझपे फ़िदा हो जाएगा।2।

दीद की सोंच भी मुनासिब नहीं
वर्ना मुझसे गिला हो जाएगा।3।

उसके नहीं अदा कुछ करने से
जाने क्या-क्या अदा हो जाएगा।4।

‘आनंद’ फूंक-फूंक रखना कदम
यूँ सज़ा का सिलसिला हो जाएगा।5।

@आनंद बिहारी, चंडीगढ़

1 Comment · 472 Views
You may also like:
पिता - नीम की छाँव सा - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
संत की महिमा
Buddha Prakash
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
Blessings Of The Lord Buddha
Buddha Prakash
गांव शहर और हम ( कर्मण्य)
Shyam Pandey
बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं
Ram Krishan Rastogi
✍️जिंदगानी ✍️
Vaishnavi Gupta
पिता
Keshi Gupta
पिता
नवीन जोशी 'नवल'
स्वर कटुक हैं / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
सही-ग़लत का
Dr fauzia Naseem shad
माँ, हर बचपन का भगवान
Pt. Brajesh Kumar Nayak
यादें
kausikigupta315
संविदा की नौकरी का दर्द
आकाश महेशपुरी
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
पिता
Kanchan Khanna
साधु न भूखा जाय
श्री रमण 'श्रीपद्'
उतरते जेठ की तपन / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
काश मेरा बचपन फिर आता
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
नदी की पपड़ी उखड़ी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
वेदों की जननी... नमन तुझे,
मनोज कर्ण
*जय हिंदी* ⭐⭐⭐
पंकज कुमार कर्ण
वर्षा ऋतु में प्रेमिका की वेदना
Ram Krishan Rastogi
रहे इहाँ जब छोटकी रेल
आकाश महेशपुरी
ओ मेरे साथी ! देखो
Anamika Singh
दो पल मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
ग़ज़ल
सुरेखा कादियान 'सृजना'
ऐ मां वो गुज़रा जमाना याद आता है।
Abhishek Pandey Abhi
कोशिशें हों कि भूख मिट जाए ।
Dr fauzia Naseem shad
Loading...