जबसे मुहब्बतों के तरफ़दार……

जबसे मुहब्बतों के तरफ़दार बिक गये,
नफ़रत भरे अजीब से अशआर बिक गये,
ऐ “अश्क”अब जहान में किन पर करें यक़ीन-
हमको था जिन पे नाज़ वो किरदार बिक गये।।

© अश्क चिरैयाकोटी

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