Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Nov 2022 · 1 min read

*जगत का अद्भुत मधुर विधान है 【मुक्तक】*

*जगत का अद्भुत मधुर विधान है 【मुक्तक】*
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
नदी चली लेकर मानस में सागर का सम्मान है
भरा हुआ संगीत विहग का सुरमय सुंदर गान है
पर्वत खाई बादल बूँदें जाड़ा गर्मी वर्षा
बिखरे सौ-सौ रंग जगत का अद्भुत मधुर विधान है
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””
_रचयिता : रवि प्रकाश, बाजार सर्राफा_
_रामपुर (उत्तर प्रदेश) 99976 15451_

Language: Hindi
33 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.

Books from Ravi Prakash

You may also like:
■ समयोचित सुविचार 😊
■ समयोचित सुविचार 😊
*Author प्रणय प्रभात*
कल भी वही समस्या थी ,
कल भी वही समस्या थी ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀
🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀
subhash Rahat Barelvi
मेरी नज़्म, शायरी,  ग़ज़ल, की आवाज हो तुम
मेरी नज़्म, शायरी, ग़ज़ल, की आवाज हो तुम
अनंत पांडेय "INϕ9YT"
जीत के साथ
जीत के साथ
Dr fauzia Naseem shad
बेटी
बेटी
Sushil chauhan
के कितना बिगड़ गए हो तुम
के कितना बिगड़ गए हो तुम
Akash Yadav
बगुले ही बगुले बैठे हैं, भैया हंसों के वेश में
बगुले ही बगुले बैठे हैं, भैया हंसों के वेश में
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"छ.ग. पर्यटन महिमा"
Dr. Kishan tandon kranti
माँ
माँ
Arvina
गाथा हिन्दी की
गाथा हिन्दी की
तरुण सिंह पवार
मेरा फलसफा
मेरा फलसफा
umesh mehra
माँ बहन बेटी के मांनिद
माँ बहन बेटी के मांनिद
Satish Srijan
वो कभी दूर तो कभी पास थी
वो कभी दूर तो कभी पास थी
'अशांत' शेखर
*ज्यादा से ज्यादा हमको बस, सौ ही साल मिले हैं (गीत)*
*ज्यादा से ज्यादा हमको बस, सौ ही साल मिले हैं (गीत)*
Ravi Prakash
यही पाँच हैं वावेल (Vowel) प्यारे
यही पाँच हैं वावेल (Vowel) प्यारे
Jatashankar Prajapati
श्याम अपना मान तुझे,
श्याम अपना मान तुझे,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
ज़िद
ज़िद
Dr. Seema Varma
जिस्मौ के बाजार में दिलजार करते हो
जिस्मौ के बाजार में दिलजार करते हो
कवि दीपक बवेजा
पंखों को मेरे उड़ान दे दो
पंखों को मेरे उड़ान दे दो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गुरुवर
गुरुवर
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक बधाई व अनन्त शुभकामनाएं
रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक बधाई व अनन्त शुभकामनाएं
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
वैलेंटाइन डे पर कविता
वैलेंटाइन डे पर कविता
Shekhar Chandra Mitra
2319.पूर्णिका
2319.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
उसी पथ से
उसी पथ से
Kavita Chouhan
💐प्रेम कौतुक-363💐
💐प्रेम कौतुक-363💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
क्या रखा है? वार में,
क्या रखा है? वार में,
Dushyant Kumar
तुमने देखा ही नहीं
तुमने देखा ही नहीं
Surinder blackpen
रंगोत्सव की हार्दिक बधाई
रंगोत्सव की हार्दिक बधाई
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Loading...