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Sep 11, 2017 · 1 min read

छुट रही थी जीने मरने की ख्वाइश …..

(53)
छुट रही थी जीने मरने की ख्वाइश
ओ दिखी फीर से जागी उसे पाने की ख्वाइश
मुझ पर अहसान करने की बात मत करना
अब बहुत हुई इस भोले पन की नुमाइश।
(अवनीश कुमार )

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