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1 Sep 2022 · 1 min read

छीन लेता है साथ अपनो का

छीन लेता है साथ अपनों का।
वक़्त वो बे’रहम लुटेरा है ।।
सब मुसाफ़िर हैं मैं भी और तू भी ।
ये जहाँ तेरा है न मेरा है ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
7 Likes · 87 Views
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