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*** छलछला गयी है आँखे ***

छलछला गयी है आँखे
क्यूं ना अब तूं
दिल में झांके
प्यार प्यात प्यार
क्या है
ये यार यार
छलछला गयी है आँखे
क्यूं ना अब तूं
दिल में झांके
भर गया है दिल अब
डबडबा गयी है आँखे
प्यार प्यार यार है
क्या कमाल यार ये
छलछला गयी है
आँखे क्यूं ना अब
तूं दिल में झांके
दूर रह के देखता
तमासा-तमासबीन बनकर
दिल तेरा पसीजता नही
ग़म को यूं ग़मगीन देख
तेरा मेरा साथ था बोलो
किसका हाथ था
तुम्हे किसने गुमराह किया
जो मेरा हमराह किया
जान ना अनजान बन
मेरा ना कसूर था वो
तेरा ही सरीह-इश्क था
मुझको ना जरूर था
छलछला गयी है आँखे
क्यूं ना अब तूं
दिल में झांके
वो सराब-मरू था
शबाब-शराब जाने क्या था
मैं भूला था उसमे जिसमे
मंजिल का ना हिसाब था
छलछला गयी है आँखे
क्यूं ना अब तूं
दिल में झांके ।।
?मधुप बैरागी

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