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1 Oct 2022 · 1 min read

चिलचिलती धूप

चिलचिलाती धूप

ये धूप है बहारों की ,
ये किरणें है हजारों का ।
ये मौसम है चिलचिलाती ,
यहाँ हवा है खिलखिलाती ।

गर्मी का हुआ आगमन ,
तापमान तो बढ़ता गया ।
धूपों की निकली टोली,
बच्चों में हुई पानी की होली।

आग सा ये हवा ,
भगा गया पानी को ।
पानी का बढ़ा मांग,
लोगो का हुआ कल्याण ।

बर्फ सा ये छाँव ,
भगा गया बेचैनी को।
बेचैनी का बढ़ा दर ,
लोगो हो गया सिरदर्द ।

बच्चे झुम रहे छुट्टी में ,
बगीया में घूम रहे मस्ती में ।
आमों का यह बगीया,
झुम उठा मस्ती मे ।

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