Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Apr 11, 2022 · 1 min read

चिट्ठी का जमाना और अध्यापक

एक हास्य व्यंग्य
*.*.*.*.*.*.*.*
डाकघर और चिट्ठी कालीन समय में.
दो चार पांच गावों एकाध पढ़े लिखा व्यक्ति मिला करते थे.
चिट्ठी लिखना और पढना,
एक मुश्किल भरा दौर था,
*
एक दिन हंस ने एक अध्यापक के घर जाकर चिट्ठी लिखने का आग्रह किया,
मास्टर जी,
एक चारपाई पर बैठे हुए थे,
और विश्राम फरमा रहे थे,
उनके पैर में चोट लगी हुई थी,
*
वह हंस को देखकर ठिनक गया,
और बहाना बनाकर चिट्ठी न लिखने का मन बना लिया,
*
हंस ने मास्टर जी से दुआ सलाम किया और नीचे बैठ गया,
तब ही मास्टर जी ने दुखी मन से पूछा,
हंस बताओ,
कैसे आना हुआ,
*
हंस ने कहा,
मास्टर जी एक चिट्ठी लिखवानी है,
अब मास्टर जी ने कहा,
मेरे पैर में तकलीफ है.
चिट्ठी नहीं लिख सकता.
*
हंस तो हंस ठहरा,
कहने लगा,
चिट्ठी तो हाथ से लिखनी है.
पैर से नहीं,
मास्टर जी झुंझलाहट में कुछ ज्यादा ही स्पष्ट उत्तर दे गये.
*
कहने लगा,
तुम्हें मालूम ही नहीं है,
पहले चिट्ठी लिखनी पड़ती है,
फिर वहां जाकर पढ़कर,
सुनानी भी तो पड़ती है,
*
हंस मास्टर जी नजाकत,
समझ चुका था,
कहने लगा,
फिर तो मुझे
ये काम निमंत्रण देने वाले से ही करवा लेना चाहिए.
*
हुनर पर नजाकत तो आ ही जाती है.

1 Like · 124 Views
You may also like:
विरह वेदना जब लगी मुझे सताने
Ram Krishan Rastogi
पिता
Saraswati Bajpai
गांव शहर और हम ( कर्मण्य)
Shyam Pandey
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
"जीवन"
Archana Shukla "Abhidha"
ग़म की ऐसी रवानी....
अश्क चिरैयाकोटी
सपना
AMRESH KUMAR VERMA
नशामुक्ति (भोजपुरी लोकगीत)
संजीव शुक्ल 'सचिन'
खुश रहे आप आबाद हो
gurudeenverma198
हाँ, वह "पिता" है ...........
Mahesh Ojha
चेहरा अश्कों से नम था
Taj Mohammad
योग क्या है और इसकी महत्ता
Ram Krishan Rastogi
दोहा में लय, समकल -विषमकल, दग्धाक्षर , जगण पर विचार...
Subhash Singhai
शांत वातावरण
AMRESH KUMAR VERMA
ठोकर तमाम खा के....
अश्क चिरैयाकोटी
"सुकून"
Lohit Tamta
कोई तो दिन होगा।
Taj Mohammad
अब सुप्त पड़ी मन की मुरली, यह जीवन मध्य फँसा...
संजीव शुक्ल 'सचिन'
थोड़ी मेहनत और कर लो
Nitu Sah
" पवित्र रिश्ता "
Dr Meenu Poonia
जिंदगी की कुछ सच्ची तस्वीरें
Ram Krishan Rastogi
✍️✍️ओढ✍️✍️
"अशांत" शेखर
हिरण
Buddha Prakash
मौत बाटे अटल
आकाश महेशपुरी
“ मेरे राम ”
DESH RAJ
ब्रह्म निर्णय
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आप ऐसा क्यों सोचते हो
gurudeenverma198
🌺प्रेम की राह पर-58🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
'पिता' संग बांटो बेहद प्यार....
Dr. Alpa H. Amin
तमन्ना ए कल्ब।
Taj Mohammad
Loading...