Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Feb 2023 · 1 min read

चाय जैसा तलब हैं मेरा ,

चाय जैसा तलब हैं मेरा ,
कभी गर्म – कभी ठंडा रंग है मेरा ,
भाप सा ही द्वंद यह,
कही चाय पत्ती तो कही यातना
सँघर्ष का मैदान यह
चाय जैसा तलब है मेरा ,
कभी गर्म तो कभी ठंडा
रंग हैं मेरा ।।

141 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
द्वितीय ब्रह्मचारिणी
द्वितीय ब्रह्मचारिणी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बेशक नहीं आता मुझे मागने का
बेशक नहीं आता मुझे मागने का
shabina. Naaz
दोस्ती
दोस्ती
Neeraj Agarwal
भले ई फूल बा करिया
भले ई फूल बा करिया
आकाश महेशपुरी
निशान
निशान
Saraswati Bajpai
एक नसीहत
एक नसीहत
Shyam Sundar Subramanian
अनुभव के आधार पर, पहले थी पहचान
अनुभव के आधार पर, पहले थी पहचान
Dr Archana Gupta
Qata
Qata
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
याद तो हैं ना.…...
याद तो हैं ना.…...
Dr Manju Saini
मेरी गुड़िया
मेरी गुड़िया
Kanchan Khanna
स्वप्न मन के सभी नित्य खंडित हुए ।
स्वप्न मन के सभी नित्य खंडित हुए ।
Arvind trivedi
आप जब हमको दिखते हैं
आप जब हमको दिखते हैं
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पैसों के छाँव तले रोता है न्याय यहां (नवगीत)
पैसों के छाँव तले रोता है न्याय यहां (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
आलोचना
आलोचना
Shekhar Chandra Mitra
हवाएँ
हवाएँ
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
*दिखे जो पोल जिसकी भी, उसी की खोलना सीखो【हिंदी गजल/गीतिका】*
*दिखे जो पोल जिसकी भी, उसी की खोलना सीखो【हिंदी गजल/गीतिका】*
Ravi Prakash
सितम फिरदौस ना जानो
सितम फिरदौस ना जानो
प्रेमदास वसु सुरेखा
अब तक मैं
अब तक मैं
gurudeenverma198
उनको मत समझाइए
उनको मत समझाइए
राहुल द्विवेदी 'स्मित'
You can't AFFORD me
You can't AFFORD me
Vandana maurya
सोचो यदि रंगों में ऐसी रंगत नहीं होती
सोचो यदि रंगों में ऐसी रंगत नहीं होती
Khem Kiran Saini
दासी
दासी
Bodhisatva kastooriya
तुंग द्रुम एक चारु 🌿☘️🍁☘️
तुंग द्रुम एक चारु 🌿☘️🍁☘️
Tarun Prasad
"विडम्बना"
Dr. Kishan tandon kranti
लहज़ा गुलाब सा है, बातें क़माल हैं
लहज़ा गुलाब सा है, बातें क़माल हैं
Dr. Rashmi Jha
तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय।
तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
💐प्रेम कौतुक-97💐
💐प्रेम कौतुक-97💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Gamo ko chhipaye baithe hai,
Gamo ko chhipaye baithe hai,
Sakshi Tripathi
निर्लज्ज चरित्र का स्वामी वो, सम्मान पर आँख उठा रहा।
निर्लज्ज चरित्र का स्वामी वो, सम्मान पर आँख उठा रहा।
Manisha Manjari
ये भी सच है के हम नही थे बेइंतेहा मशहूर
ये भी सच है के हम नही थे बेइंतेहा मशहूर
'अशांत' शेखर
Loading...