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चाँद

सूरज सी जलन क्यों है तुझमें
क्यों नही शीतलता चांद सी
क्या मुश्किल है इतना
सूरज का चांद में बदल जाना
मुझे लगता है
मुश्किल है चांद होना,
उधार की चमक से भी
अंजान होना ,शांत होना
बनाए रखना अपना स्वभाव

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