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Aug 9, 2016 · 1 min read

चाँद दिन में निकलने लगा है !!

चाँद दिन में निकलने लगा है!!

चाँद दिन में निकलने लगा है
वो तो दिल में उतरने लगा है ।।

छा गया इश्क़ ए आसमां पे
खूब ही वो चमकने लगा है।।

दूज का तो कभी चौदहवीं का
खूब वो रंग बदलने लगा है ।।

मदहोशी के छाये है बादल
थोड़ा थोड़ा बहकने लगा है ।।

बन गया आज वो पूनम का
खूब अमृत टपकने लगा है ।।

“दिनेश”

2 Comments · 210 Views
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