Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

चाँदनी रात थी

**** चाँदनी रात थी (ग़ज़ल) ****
***************************
**** 212 212 212 212 ****
***************************

खूब तारों भरी चाँदनी रात थी,
हूर से यार पहली मुलाकात थी।

रोज हम देखते थे उसे ध्यान से,
प्यार में मिल गई खास सौगात थी।

देख कर शर्म से लाल हो वो खड़ी,
ताकना हो गई आम सी बात थी।

काम बिन वो वहाँ खूब आने लगी,
जाल में फ़ांस की वो शुरूआत थी।

रिस्क ले पास से हम गुजर थे गए,
भीम सी बन गई मीर औकात थी।

शीत सीरत कहे प्रेम की आग थी,
ईश से जो मिली नेह की दात थी।
**************************
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

209 Views
You may also like:
उसकी बातें
Sandeep Albela
इतना न कर प्यार बावरी
Rashmi Sanjay
खुशियों भरे पल
surenderpal vaidya
चाहत की हद।
Taj Mohammad
कोहिनूर
Dr.sima
सरल हो बैठे
AADYA PRODUCTION
बाबा भैरण के जनैत छी ?
श्रीहर्ष आचार्य
महामोह की महानिशा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ना झुका किसी के आगे
gurudeenverma198
औरतें
Kanchan Khanna
मेरी मोहब्बत की हर एक फिक्र में।
Taj Mohammad
वक्त सा गुजर गया है।
Taj Mohammad
रिश्ते
कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"
💐संसारे कः अपि स्व न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*बहू- बेटी- तलाक* कहानी लेखक: राधाकिसन मूंदड़ा, सूरत।
radhakishan Mundhra
*हनुमान धाम-यात्रा*
Ravi Prakash
लोभ का जमाना
AMRESH KUMAR VERMA
होता नहीं अब मुझसे
gurudeenverma198
वक्त।
Taj Mohammad
मज़दूर की महत्ता
Dr.Alpa Amin
तीरगी से निबाह करते रहे
Anis Shah
ज़ुबान से फिर गया नज़र के सामने
कुमार अविनाश केसर
Be A Spritual Human
Buddha Prakash
कर्म पथ
AMRESH KUMAR VERMA
जीना मुश्किल
Harshvardhan "आवारा"
अपराधी कौन
Manu Vashistha
कोई हमारा ना हुआ।
Taj Mohammad
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
दर्द इतने बुरे नहीं होते
Dr fauzia Naseem shad
धर्म में पंडे, राजनीति में गुंडे जनता को भरमावें
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...