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Sep 11, 2017 · 1 min read

घृणा

घृणा करो
अगर घृणित न हो,
घृणित होकर अगर
घृणा करोगे किसीसे
तो मूर्खता होगी तुम्हारी;
आदमी होकर अगर
आदमी से ही घृणा करोगे
तो कैसे इंसान बन पाओगे?
घृणा की जहर को अगर
खत्म ना कर पाए तो
तुम भी घिनौने कहलाओगे ;
घृणा का अर्थ है सर्वनाश ,
इसकी जहरीली जड़ों को
अपने दिलों में
हरगिज फैलने ना दो,
प्यार की औषधि से
घृणा को खत्म कर
अपने आपको निर्मल कर लो!

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