Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jun 2016 · 1 min read

घर बिना विशवास के चलता नहीं

घर बिना विशवास के चलता नहीं
1—–
घर बिना विशवास के चलता नहीं
आजमाना अपनों को अच्छा नहीं

ज़िंदगी की तल्खियों के खौफ से
मुस्कुराता हूँ कभी डरता नहीं

छाँव राहत की ज़रा अब चाहिए
दिल ज़रा भी आंच अब सहता नहीं

नींद से दूरी बना ली रात ने
ख़्वाब उसको कोई अब भाता नहीं

ज़िंदगी क्या ज़िंदगी हो बेमजा
शौक जीने का अगर रहता नहीं

ढूंढ कर परछाइयाँ भी क्या करूँ
जो खुदा के घर गया मिलता नहीं

मौत ने आवाज दी मुझको मगर
ज़िंदगी ने हाथ पर छोड़ा नहीं
———————-

172 Views
You may also like:
परित्यक्ता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
भगतसिंह की जेल डायरी
Shekhar Chandra Mitra
💐परिवारे मातु: च भागिन्या: च धर्म:💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ईर्ष्या
Shyam Sundar Subramanian
मेरे मुस्कराने की वजह तुम हो
Ram Krishan Rastogi
कुछ पंक्तियाँ
सोनम राय
जानती हूँ मैं की हर बार तुझे लौट कर आना...
Manisha Manjari
कोई कह दे क्यों मजबूर हुए हम
VINOD KUMAR CHAUHAN
*बच्चे (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कविता: देश की गंदगी
Deepak Kohli
बजट का समायोजन (एक व्यंग)
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दर्द दिल की दवा
कृष्णकांत गुर्जर
दर्दों ने घेरा।
Taj Mohammad
कोरोना दोहा एकादशी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ईद अल अजहा
Awadhesh Saxena
समय वीर का
दशरथ रांकावत 'शक्ति'
एक प्यार ऐसा भी /लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
हम तेरे शरण में आए है।
Buddha Prakash
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
राजनीति ओछी है लोकतंत्र आहत हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
रक्षा बंधन :दोहे
Sushila Joshi
डॉ अरुण कुमार शास्त्री -
DR ARUN KUMAR SHASTRI
■ उलझाए रखो देश
*Author प्रणय प्रभात*
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*"तिरंगा झंडा"*
Shashi kala vyas
आदिवासी -देविता
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
देश के नौजवानों
Anamika Singh
विभाजन की पीड़ा
ओनिका सेतिया 'अनु '
जज बना बे,
Dr.sima
हमने जब तेरा
Dr fauzia Naseem shad
Loading...