Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#3 Trending Author
Apr 27, 2022 · 1 min read

गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से

गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो गए जरा से जुखाम से।

पास रहकर भी हम ,कितने दूर हो गए,
इस महामारी से हम सब मजबूर हो गए।

सोचा न स्वपन मे,ऐसा समय भी आयेगा,
अपने पास वाला भी हमसे दूर हो जाएगा।

तरस रहे मिलने के लिए एक दूजे से हम,
पास में वे मेरे खड़े है,गले लगा सके ने हम।

कैसा समय है हवा भी घातक हो गई,
दूरियां भी एक दूजे से ये दवा हो गई।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम

3 Likes · 3 Comments · 198 Views
You may also like:
विश्व पृथ्वी दिवस
Dr Archana Gupta
मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
गनर यज्ञ (हास्य-व्यंग)
दुष्यन्त 'बाबा'
कोई किस्मत से कह दो।
Taj Mohammad
जग का राजा सूर्य
Buddha Prakash
🍀🌺परमात्मा सर्वोपरि🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मौसम बदल रहा है
Anamika Singh
पानी का दर्द
Anamika Singh
ये जिंदगी ना हंस रही है।
Taj Mohammad
गुरु की महिमा***
Prabhavari Jha
मांडवी
Madhu Sethi
मेरी हस्ती
Anamika Singh
पावन पवित्र धाम....
Dr. Alpa H. Amin
उसने ऐसा क्यों किया
Anamika Singh
ये पहाड़ कायम है रहते ।
Buddha Prakash
कभी हम भी।
Taj Mohammad
✍️मौत का जश्न✍️
"अशांत" शेखर
तेरी सूरत
DESH RAJ
सपनों का महल
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
✍️सियासत✍️
"अशांत" शेखर
"एक नई सुबह आयेगी"
पंकज कुमार "कर्ण"
जिन्दगी है की अब सम्हाली ही नहीं जाती है ।
Buddha Prakash
संकोच - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तेरी सलामती।
Taj Mohammad
उत्साह एक प्रेरक है
Buddha Prakash
गंगा दशहरा गंगा जी के प्रकाट्य का दिन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सेमर
विकास वशिष्ठ *विक्की
💐प्रेम की राह पर-30💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मोतियों की सुनहरी माला
DESH RAJ
जीतने की उम्मीद
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...