Oct 8, 2016 · 1 min read

गीत

गीत :

नित करूंगा बात तुमसे
कोई सम्बोधन न दूँगा
सब तुम्हे अर्पण करूंगा
किन्तु अपना मन न दूंगा

फूल सा दिन में खिला हूँ शाम को मुरझा रहा हूँ
पर ख़ुशी इस बात की
कुछ देर तो इठला रहा हूँ

कुछ सुमन दे दूंगा तुमको
समूचा उपवन न दूँगा

याद आता है सदा ही
खेलता बचपन सुहाना
कागजों की किश्तियों को
दूर तक जल में बहाना

पूरा यौवन भले ले लो
सुनहरा बचपन न दूँगा

चेहरे पे चेहरा चढ़ा कर
घर से बाहर निकलते हो
एक छलिये की तरह तुम
रूप अपना बदलते हो

सब मुखौटे सौंप दूंगा
एक भी दरपन न दूंगा

बंद कमरों की घुटन में
ज़िन्दगी पथरा रही है
तोड़ अब सारी दीवारें
सांस लेने आ रही है

घर महल सारा ही ले लो
बस खुला आँगन न दूंगा

–हेमन्त सक्सेना–

98 Views
You may also like:
अज़ल की हर एक सांस जैसे गंगा का पानी है./लवकुश...
लवकुश यादव "अज़ल"
कर्म
Rakesh Pathak Kathara
दोस्त जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना….
Piyush Goel
तुम्हारे जन्मदिन पर
अंजनीत निज्जर
आप कौन है
Sandeep Albela
फरिश्तों सा कमाल है।
Taj Mohammad
बसन्त बहार
N.ksahu0007@writer
हिन्दुस्तान की पहचान(मुक्तक)
Prabhudayal Raniwal
🌺🌺प्रेम की राह पर-41🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
याद मेरी तुम्हे आती तो होगी
Ram Krishan Rastogi
मुझसे बचकर वह अब जायेगा कहां
Ram Krishan Rastogi
जीवन-रथ के सारथि_पिता
मनोज कर्ण
💐💐प्रेम की राह पर-21💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब
Pt. Brajesh Kumar Nayak
आकार ले रही हूं।
Taj Mohammad
भारतवर्ष
AMRESH KUMAR VERMA
गीत - याद तुम्हारी
Mahendra Narayan
जिम्मेदारी और पिता
Dr. Kishan Karigar
गर्मी का कहर
Ram Krishan Rastogi
मोबाइल सन्देश (दोहा)
N.ksahu0007@writer
💐💐प्रेम की राह पर-18💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कैसे समझाऊँ तुझे...
Sapna K S
**जीवन में भर जाती सुवास**
Dr. Alpa H.
मज़दूर की महत्ता
Dr. Alpa H.
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
तेरे संग...
Dr. Alpa H.
ये लखनऊ है मेरी जान।
Taj Mohammad
मृत्यु डराती पल - पल
Dr.sima
पिता की छाँव...
मनोज कर्ण
जहर कहां से आया
Dr. Rajeev Jain
Loading...