Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

गाँव री सौरभ

गाँव री सौरभ

गाँव री सौरभ रग-रग में समाई,
जठै ई देखूँ, देवे पग – पग दिखाई।

पीपल-बरगद-नीम री घणेरी छाया,
जठै प्यारो बचपन बितायो,
बाल सखा सागै खूब पींगां चढाई।
जठै ई देखूँ, देवे पग – पग दिखाई।

पनघट माथे सखिया री टोली,
बोले बतळावे करे हंसी ठिठोली,
पानी री गगरी कमर लटकावे, माथे चढाई
जठे ई देखूँ, देवे पग – पग दिखाई।

कोयल री कूँकती मीठी बोली,
रंग-बिरंगी इन्द्रधनुषी होली,
फूलों रे चमन सी महक आई।
जठे ई देखूँ, देवे पग – पग दिखाई।

ताल-तलैया मायं कमल खिलतां,
आथूणे सूरज री लालिमा पाणी दीठे ,
निरमल गांव री भोर सुहावणी।
जठे ई देखूँ, देवे पग – पग दिखाई।

बळदां रे गळा बाजती घंटियाँ,
खेता में नाचती फूटरी परियाँ,
रूप-यौवन री अणूती मस्ती छाई।
जठे ई देखूँ, देवे पग-पग दिखाई।

मनमोवणा चितराम, लेहरावे धान,
मनमौजी घणा हैं गाँव रा किसान,
स्हैर री लागे वठै फ़ीकी मिठाई।
जठे ई देखूँ, देवे पग-पग दिखाई।

गाँव री सौरभ रग -रग में समाई,
जठे ई देखूँ, देवे पग-पग दिखाई।

हरीश सुवासिया
आर.ई.एस.
देवली कलां (पाली)

4 Likes · 2 Comments · 167 Views
You may also like:
themetics of love
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Sweet Chocolate
Buddha Prakash
"मैंने दिल तुझको दिया"
Ajit Kumar "Karn"
बताकर अपना गम।
Taj Mohammad
बुढ़ापे में जीने के गुरु मंत्र
Ram Krishan Rastogi
घुतिवान- ए- मनुज
AMRESH KUMAR VERMA
✍️"बारिश भी अक्सर भुख छीन लेती है"✍️
"अशांत" शेखर
"जीवन"
Archana Shukla "Abhidha"
मोहब्बत
Kanchan sarda Malu
“ पगडंडी का बालक ”
DESH RAJ
नजर तो मुझको यही आ रहा है
gurudeenverma198
मेरे दिल का दर्द
Ram Krishan Rastogi
कातिलाना अदा है।
Taj Mohammad
【19】 मधुमक्खी
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
कहानियां
Alok Saxena
उबारो हे शंकर !
Shailendra Aseem
ऊपज
Mahender Singh Hans
आदर्श ग्राम्य
Tnmy R Shandily
✍️एक चूक...!✍️
"अशांत" शेखर
जाने कैसी कैद
Saraswati Bajpai
अजी मोहब्बत है।
Taj Mohammad
विश्व हास्य दिवस
Dr Archana Gupta
पुस्तकें
डॉ. शिव लहरी
मयंक के जन्मदिन पर बधाई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
💐💐प्रेम की राह पर-20💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
.....उनके लिए मैं कितना लिखूं?
ऋचा त्रिपाठी
विधाता स्वरूप पिता
AMRESH KUMAR VERMA
बेवफाओं के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं
Ram Krishan Rastogi
सुबह
AMRESH KUMAR VERMA
बहुत घूमा हूं।
Taj Mohammad
Loading...