गाँव की है धानी सी धरा//गीत

गाँव की है धानी सी धरा
अमिट यहाँ कुदरत की माया
देख मन- मयूरा झूम उठा
सावन श्याम घटा है छाया

सुरमई मतबाली है शाम
दुल्हन यहाँ धरती की रानी
मधुरं है गाँवों का भारत
जहा में है ना रे अनोखा

ये चित्रमयी भारत है केनिशा
चंदन धरा हर राह कुनिका
कशिश,कृपी,क्यमत हर दिशा
अजब-गजब कुदरत की कलिका

उड़ती है अंबर में गगनचर
गाती है वन में वनप्रिया
देखो रे यहाँ स्वर्ग है धरा
चहुंओर है हरित चुनरिया

धूप छाँव सी दिव्य जीवन
गाँव की धरती है रे कमला
उन्मुक्त है जीवन नहीं बंदिश
मनरंगी-सतरंगी है आसमां

गीतकार:-दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

190 Views
You may also like:
कुंडलियां छंद (7)आया मौसम
Pakhi Jain
कर लो कोशिशें।
Taj Mohammad
अनजान बन गया है।
Taj Mohammad
लाचार बूढ़ा बाप
The jaswant Lakhara
कड़वा सच
Rakesh Pathak Kathara
पिता कुछ भी कर जाता है।
Taj Mohammad
हर अश्क कह रहा है।
Taj Mohammad
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
* प्रेमी की वेदना *
Dr. Alpa H.
प्रकृति का अंदाज.....
Dr. Alpa H.
राह जो तकने लगे हैं by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
शेर राजा
Buddha Prakash
ममता की फुलवारी माँ हमारी
Dr. Alpa H.
सच ही तो है हर आंसू में एक कहानी है
VINOD KUMAR CHAUHAN
फिजूल।
Taj Mohammad
अँधेरा बन के बैठा है
आकाश महेशपुरी
नई तकदीर
मनोज कर्ण
गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से
Ram Krishan Rastogi
पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"मुश्किल वक़्त और दोस्त"
Lohit Tamta
दिल की ख्वाहिशें।
Taj Mohammad
भ्राजक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
दर्द।
Taj Mohammad
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
कविता पर दोहे
Ram Krishan Rastogi
रामे क बरखा ह रामे क छाता
Dhirendra Panchal
अत्याचार
AMRESH KUMAR VERMA
हे तात ! कहा तुम चले गए...
मनोज कर्ण
शायद...
Dr. Alpa H.
जमीं से आसमान तक।
Taj Mohammad
Loading...