Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

ग़ज़ल

*ग़ज़ल-रुला देते हैं*

इस तरह लोग मोहब्बत में दगा देते हैं।
दिल को तड़पाते है और रुला देते हैं।।

वोट की खातिर गधों को भी मना लेते हैं।
जीत के बाद ही जनता को भुला देते हैं।।

वो तो हैवां हैं जो इंसां की मदद करते नहीं।
लोग ज़ख्मों पे नमक कैसे लगा देते हैं।।

न जायें मंदिर-मस्ज़िद न इबादत कोई।
वक़्त पड़ने पर ही ईश्वर को सदा देते हैं।।

जो कभी खास थे वो यार ही ‘राना’ मेरे।
मुफ़लिसी के आते ही वो हाथ उठा देते हैं।।

***

*© राजीव नामदेव “राना लिधौरी”,टीकमगढ़*
संपादक-“आकांक्षा” हिंदी पत्रिका
संपादक- ‘अनुश्रुति’ बुंदेली पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com
Blog-rajeevranalidhori.blogspot.com
*( *राना का नज़राना* (ग़ज़ल संग्रह-2015)- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ के ग़ज़ल-71 पेज-79 से साभार

1 Like · 1 Comment · 58 Views
You may also like:
घर आंगन
शेख़ जाफ़र खान
शोहरत और बंदर
सूर्यकांत द्विवेदी
धार्मिक आस्था एवं धार्मिक उन्माद !
Shyam Sundar Subramanian
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग २]
Anamika Singh
मेरे पापा!
Anamika Singh
आँखें भी बोलती हैं
सिद्धार्थ गोरखपुरी
तब मुझसे मत करना कोई सवाल तुम
gurudeenverma198
दुलहिन परिक्रमा
मनोज कर्ण
युद्ध सिर्फ प्रश्न खड़ा करता है [भाग१]
Anamika Singh
✍️जंग टल जाये तो बेहतर है✍️
"अशांत" शेखर
राम नाम जप ले
Swami Ganganiya
फ़नकार समझते हैं Ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
पत्ते ने अगर अपना रंग न बदला होता
Dr. Alpa H. Amin
पिता
Vandana Namdev
विश्व विजेता कपिल देव
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पिता, इन्टरनेट युग में
Shaily
"सुकून की तलाश"
Ajit Kumar "Karn"
इश्क़ में क्या हार-जीत
N.ksahu0007@writer
पिता के जैसा......नहीं देखा मैंने दुजा
Dr. Alpa H. Amin
ये जिंदगी ना हंस रही है।
Taj Mohammad
पेड़ों का चित्कार...
Chandra Prakash Patel
कहो अब और क्या चाहें
VINOD KUMAR CHAUHAN
मन पीर कैसे सहूँ
Dr. Sunita Singh
पिता है भावनाओं का समंदर।
Taj Mohammad
"हमारी यारी वही है पुरानी"
Dr. Alpa H. Amin
“ गोलू क जन्म दिन “
DrLakshman Jha Parimal
मां ‌धरती
AMRESH KUMAR VERMA
अरदास
Vikas Sharma'Shivaaya'
जिंदगी ये नहीं जिंदगी से वो थी
Abhishek Upadhyay
है रौशन बड़ी।
Taj Mohammad
Loading...