Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

ग़ज़ल/नज़्म — सिरफिरा आशिक

(ग़ज़ल/नज़्म — सिरफिरा आशिक)

ये प्यार-व्यार का तो, बस एक बहाना है,
मुझे सच में तो तुझे, मेरे पास बुलाना है ।

क्या पता मुझसे मिलने, तू आए ना आए,
जो मेरी बदनामियों का, खुला खज़ाना है ।

कितना बिगड़ैल हूँ, या कितना अच्छा मैं,
मुझसे मिलकर तुझे, ये जान जाना है ।

मेरे दिल को तू जम गई, तो बस जम गई,
वरना इसमें किसी का, नहीं ठिकाना है ।

तुझे जंचे तो तू चाहे, प्यार करना ना करना,
पाबन्द नहीं किया तेरा, अपना ज़माना है ।

सिरफिरा आशिक बनके, मैंने कूच किया,
कोशिशों में नहीं लगता, कोई हरजाना है ।

हम ही नहीं बहुत गुजरे, इस राह से “खोखर”,
तेरी हाँ से सिरफिरे को, अलग रस्ता बनाना है ।

(पाबन्द = बन्धन में बंधा हुआ, नियम, प्रतिज्ञा, विधि, आदेश आदि का पालन करने के लिए बाध्य)
(जम गई = भा गई, अच्छी लग गई, पसंद आ गई)
(कूच = रवानगी, प्रस्थान)
(ज़माना = समय, काल, वक्त, संसार)
(हरजाना = हर्जाना, क्षतिपूर्ति, नुकसान के बदले दी जाने वाली रकम, )
(सिरफिरा = सनकी, धुनी; जिसको किसी प्रकार की धुन हो)

©✍?06/02/2021
अनिल कुमार (खोखर)
9783597507,
9950538424,
anilk1604@gmail.com

1 Like · 126 Views
You may also like:
क्या होता है पिता
gurudeenverma198
भारतीय लोकतंत्र की मुर्मू, एक जीवंत कहानी हैं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
Pt. Brajesh Kumar Nayak
विश्वेश्वर महादेव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
माता अहिल्याबाई होल्कर जयंती
Dalveer Singh
जिंदा है।
Taj Mohammad
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग २]
Anamika Singh
✍️मैं एक मजदुर हूँ✍️
"अशांत" शेखर
मिलेंगे लोग कुछ ऐसे गले हॅंसकर लगाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
चिड़िया और जाल
DESH RAJ
वैराग्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
एहसास पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
एहसासात
Shyam Sundar Subramanian
हादसा
श्याम सिंह बिष्ट
हिम्मत न हारों
Anamika Singh
इस तरह
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Neha Sharma
बात चले
सिद्धार्थ गोरखपुरी
रूसवा है मुझसे जिंदगी
VINOD KUMAR CHAUHAN
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
Heart Wishes For The Wave.
Manisha Manjari
सच्चे मित्र की पहचान
Ram Krishan Rastogi
🍀🌺परमात्मन: अंश: भवति तु स्वरूपे दोषः न🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है ।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
उड़ी पतंग
Buddha Prakash
पिता
Vandana Namdev
मुख पर तेज़ आँखों में ज्वाला
Rekha Drolia
खुद को तुम पहचानो नारी [भाग २]
Anamika Singh
आजादी का जश्न
DESH RAJ
आता है याद सबको ही बरसात में छाता।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...