Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#29 Trending Author

गहरा राज़

ना जाने कैसा होता होगा वो जहां,
खो जाते हैं इंसान कैसे जाकर वहां ।

ना राह का पता न मंजिल का ठिकाना ,
आखिर अंजाने सफर का मुकाम है कहां ?

अपनो से सारे बंधन तोड़के ,मुंह मोड़के ,
ना जाने कहां बसा लेते हैं नया आशियां ।

ना खत ना पैगाम का सिलसिला रहता है,
आखिर कैसे करें अपना हाल ए दिल बयां।

रह रह कर दिल में कसक उठती है हमारे ,
नजरें तलाशती है जब कभी उनके निशान ।

आहिस्ता आहिस्ता वक्त भर ही ,देगा जख्म ,
बस इतनी सी तो है हमारी इंतजार ए इंतेहा ।

ये कजा अपने आप में एक गहरा राज़ है कोई ,
नहीं जान सकता “ए अनु” इसे कोई इंसान ।

4 Likes · 6 Comments · 304 Views
You may also like:
बचपन की यादें
AMRESH KUMAR VERMA
चाँद पर खाक डालने से क्या होगा
shabina. Naaz
कहानी *”ममता”* पार्ट-1 लेखक: राधाकिसन मूंधड़ा, सूरत।
radhakishan Mundhra
सफल होना चाहते हो
Krishan Singh
गीत- जान तिरंगा है
आकाश महेशपुरी
पिता
Rajiv Vishal
आजादी का जश्न
DESH RAJ
आध्यात्मिक गंगा स्नान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
लिपट कर तिरंगे में आऊं
AADYA PRODUCTION
तन्हाँ महफिल को सजाऊँ कैसे
VINOD KUMAR CHAUHAN
एक पते की बात
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
समुंदर बेच देता है
आकाश महेशपुरी
प्रेम
Rashmi Sanjay
इन्साफ
Alok Saxena
✍️जिंदगी की सुबह✍️
'अशांत' शेखर
हमारा घर छोडकर जाना
Dalveer Singh
बचपन की यादें
Anamika Singh
शहीदों का यशगान
शेख़ जाफ़र खान
कृष्ण के जन्मदिन का वर्णन
Ram Krishan Rastogi
आओ तुम
sangeeta beniwal
ਆਹਟ
विनोद सिल्ला
परिंदे को गम सता रहा है।
Taj Mohammad
मुकरियां __नींद
Manu Vashistha
मूकदर्शक
Shyam Sundar Subramanian
दादी मां की बहुत याद आई
VINOD KUMAR CHAUHAN
शोर मचाने वाले गिरोह
Anamika Singh
उम्मीदों के परिन्दे
Alok Saxena
कशमकश
Anamika Singh
हिन्दू साम्राज्य दिवस
jaswant Lakhara
*राखी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Loading...