Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Sep 2016 · 1 min read

गज़ल:-मै एक हसीन पल हूँ/मंदीप

मै एक हसीन पल हूँ/मंदीप्
दिल को छु जाऊ मै हवा का वो जोक हूँ,
मै बस जाऊ दिल में वो हसीन समा हूँ।

ना निकल सको कभी भी दिल से,
मै वो तुम्हारे ख़्यालो का खूबसूरत नजराना हूँ।

लबो पर एक बार अगर आ जाऊ,
मै वो हँसी का एक हसीन झरोखा हूँ।

महसुस जो करोगे अगर मुझ को कभी,
मै वो प्यार का गहरा समुन्दर हूँ।

रहूँ हमेसा तुम्हारे साथ हर पल,
मै वो खूबसूरत यादो का साया हूँ।

गुलाम परिन्दे को आजाद महसूस करवा दूँ,
मै प्यार का वो आलीसान तहखाना हूँ।

“मंदीप्” रहे हमेसा सब की यादो में ,बातो में,
मै कभी ना ख़त्म होने वाला प्यार का गहरा कुआँ हूँ।

मंदीपसाई

260 Views
You may also like:
प्यार का मंज़र .........
J_Kay Chhonkar
भारतीय सभ्यता की दुर्लब प्राचीन विशेषताएं ।
Mani Kumar Kachi
बेटियां
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
व्यवस्था का शिकार
Shekhar Chandra Mitra
बे अदब कहोगे।
Taj Mohammad
आपातकाल
Shriyansh Gupta
✍️सारे अपने है✍️
'अशांत' शेखर
पिता
Shailendra Aseem
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
💐संसारे कः अपि स्व न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
पार्क
मनोज शर्मा
जग
AMRESH KUMAR VERMA
बूँद-बूँद को तरसा गाँव
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पत्थर के भगवान
Ashish Kumar
विनती
Anamika Singh
नूर
Alok Saxena
నా తెలుగు భాష..
विजय कुमार 'विजय'
तुम साथ अगर देते नाकाम नहीं होता
Dr Archana Gupta
जग के पालनहार
Neha
जिंदगी और करार
ananya rai parashar
#जगन्नाथपुरी_यात्रा
Ravi Prakash
✍️मंज़िल की चाहत ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
Writing Challenge- कल्पना (Imagination)
Sahityapedia
कुछ तो उसमें
Dr fauzia Naseem shad
पिता की अस्थिया
Umender kumar
पिता
Satpallm1978 Chauhan
फ़ासला
मनोज कर्ण
जग के पिता
DESH RAJ
प्यार करते हो मुझे तुम तो यही उपहार देना
Shivkumar Bilagrami
साथ तुम्हारा
मोहन
Loading...