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12 Jul 2022 · 1 min read

ख्वाहिश है बस इतना

मेरे मरने के बाद
कोई मेरे नाम का
ताजमहल बनवा दे
ख्वाहिश नही है हमें इसका
जीते जी मेरी जिन्दगी मे
दो पल तुम सकून के साथ
मेरे साथ बैठ लो
बस ख्वाहिश है इतना।

अनामिका

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
4 Likes · 4 Comments · 187 Views
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