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दो दिलों का मेल है ये

प्यार का जो खेल है ये
दो दिलों का मेल है ये

कब जवानी रुकने वाली
भागती सी रेल है ये

मौत तक सुःख-दुःख मिलेंगे
ज़िन्दगी इक जेल है ये

•••

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